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बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू

जम्मू में हज़ारों लोगों ने गिरफ़्तारियाँ दी

अमरनाथ बोर्ड को आवंटित ज़मीन का फ़ैसला रद्द करने के विरोध में जम्मू में मंगलवार को भी हज़ारों लोगों ने गिरफ़्तारियाँ दी हैं.

उल्लेखनीय है कि क़रीब 50 दिनों से जम्मू में इस मामले को लेकर उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं और अमरनाथ संघर्ष समिति ने सोमवार से तीन दिनों का जेल भरो आंदोलन शुरु किया है.

हिंदू बहुल जम्मू शहर के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने नारेबाज़ी करते हुए पुलिस स्टेशन आकर अपनी गिरफ़्तारियाँ दी.

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क़रीब पाँच-छह पुलिस स्टेशनों में तोड़-फोड़ की.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही अमरनाथ संघर्ष समिति का दावा है कि क़रीब साढ़े तीन लाख प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को गिरफ़्तारियाँ दी, जबकि पुलिस ने इस आँकड़े को मनगढंत बताया है.

पुलिस का कहना है कि तक़रीबन 70 हज़ार लोगों ने मंगलवार को गिरफ़्तारियाँ दी हैं.

'व्यापक कवरेज नहीं'

प्रदर्शनकारी ने मीडियाकर्मियों पर अपना निशाना साधा. उनका कहना था कि मीडिया जम्मू में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को 'ख़ास तवज्जो नहीं दे रही है'.

प्रदर्शनकारियों ने संवाददाताओं को धमकियाँ दी और कहा कि 'उनकी शर्तों पर व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शनों को दिखाया जाए' .

प्रदर्शनकारियों ने जम्मू स्थित मीडिया संस्थानों पर हमले की भी कोशिश की लेकिन समय रहते पुलिस की दख़लअंदाज़ी के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को 40 हेक्टेयर जंगल की ज़मीन दिए जाने और फिर उसे रद्द किए जाने के फ़ैसले के विरोध में प्रदर्शन के दौरान अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हो चुके हैं.

ग़ौरतलब है कि सरकार ने ज़मीन अमरनाथ मंदिर बोर्ड को देने के बाद इसे वापस ले लिया था क्योंकि इसके विरोध में कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शन शुरु हो गए थे.