रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की नेता मायावती ने पार्टी के उपाध्यक्ष राजा राम को पद से हटा दिया है.
माना जा रहा है कि उन्हें पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि मीडिया में ख़बरें प्रकाशित हो गई थीं कि राजा राम मायावती के उत्तराधिकारी हो सकते हैं.
राजा राम बीएसपी के युवा और सुपरिचित कार्यकर्ता रहे हैं और उनकी जगह पर मायावती ने आलोक कुमार वर्मा नाम के एक अनजान चेहरे को जगह दी है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वे इन नए उपाध्यक्ष को नहीं पहचानते.
इसके अलावा एसपी सिंह बघेल और शाहिद सिद्दीक़ी को पार्टी महासचिव नियुक्त किया गया है.
उत्तराधिकारी का विवाद
पिछले दिनों ही मायावती ने कहा था कि यदि भ्रष्टाचार के मामले में फँसाकर उन्हें जेल भेज दिया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है तो उन्होंने अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है.
चूंकि उन्होंने इस उत्तराधिकारी का नाम घोषित नहीं किया था इसलिए इसे लेकर अटकलें लगने लगीं.
कुछ अख़बारों में यह ख़बर प्रकाशित हो गईं थीं कि पार्टी के उपाध्यक्ष राजा राम ही मायावती के संभावित उत्तराधिकारी हैं.
पार्टी की ओर से मंगलवार को जारी बयान में उत्तराधिकारी को लेकर प्रकाशित ख़बरों को ग़लत और बेबुनियाद बताया गया है और सलाह दी गई है कि इस तरह की ख़बरें प्रकाशित करने से पहले पार्टी से इसकी पुष्टि कर ली जाए.
हालांकि इस प्रेसविज्ञप्ति में राजा राम को पद से हटाए जाने का ज़िक्र नहीं किया गया है लेकिन नया उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा कर दी गई है.
पार्टी प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि कुछ ही महीनों में होने वाले लोकसभा के चुनाव और पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर पार्टी संगठन में ये परिवर्तन किए गए हैं.