सोमवार, 18 अगस्त, 2008 को 10:44 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों में भारत कोई दख़ल नहीं देना चाहता.
मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का इस्तीफ़ा देना पाकिस्तान का आंतरिक मामला है जिसमें भारत किसी प्रकार का दख़ल नहीं देगा.
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के संबंध किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं थे इसलिए मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान के हालात जल्दी ही स्थिर हो जाएँगे.
अच्छा संदेश नहीं
उधर, रक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अशोक मेहता ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का सत्ता से जाना भारत के लिए कोई बहुत अच्छा संदेश नहीं है.
इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "आज पाकिस्तान के हालात बेहद ही अस्थिर हैं और अभी यह भी पता नहीं है कि गठबंधन सरकार कितनी चलेगी और कैसी चलेगी. ऐसे में पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद करना ही बेमानी होगा."
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर पाकिस्तान की ताज़ा स्थिति को भारत के साथ संबंधों के लिए बेहतर नहीं माना जा सकता.