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नौ अभियुक्त 14 दिन की पुलिस हिरासत में

अहमदाबाद बम धमाकों के मामले में गिरफ़्तार किए गए नौ लोगों को अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

इन सभी लोगों को रविवार को अहमदाबाद में 'मजिस्ट्रेट' जेके पंड्या की अदालत में पेश किया गया जहाँ कोर्ट ने इन्हें हिरासत में भेज दिया.

गुजरात पुलिस के मुताबिक धमाकों के 'सरगना' अबू बशर को शनिवार की रात को उत्तर प्रदेश से अहमदाबाद लाया गया था और उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा. बशर को तीन दिन की 'ट्रांसिट रिमांड' पर अहमदाबाद लाया गया है.

अहमदाबाद पुलिस ने अदालत में दलील रखी थी कि वो 26 जुलाई को हुए बम धमाकों के सिलसिले में इन सभी लोगों से पूछताछ करना चाहती है.

नौ लोगों के वकील आसिम कुरैशी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इन सभी लोगों को फंसाया जा रहा है और वो अदालत के इस फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.

इस बीच राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अहमदाबाद पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है उन सभी लोगों से राजस्थान पुलिस भी पूछताछ कर सकती है.

कटारिया ने कहा कि ऐसी संभावना है कि इन लोगों के तार जयपुर बम धमाकों से भी जुड़े हो सकते हैं. कटारिया ने कहा कि राजस्थान पुलिस भी इन लोगों की तलाश में उत्तर प्रदेश और दूसरी जगहों पर गई थी.

गुजरात पुलिस के दावे

शनिवार को गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि उसने साज़िश के 'सरगना' अबू बशर को गिरफ़्तार किया था.

गुजरात पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की साक्षा कार्रवाई में अबू बशर को गिरफ़्तार किया गया था और गुजरात पुलिस का दावा है कि अबू बशर ही अहमदाबाद बम धमाकों का 'सरगना' है.

गुजरात पुलिस की दलील है कि गिरफ़्तार किए गए सभी लोगों के तार प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े हुए हैं.

गुजरात पुलिस का दावा है कि पिछले साल दिसंबर में अबू बशीर और उसके दूसरे साथियों ने दक्षिणी राज्य केरल के एरनाकुलम के जंगलों में एक प्रशिक्षण कैंप में प्रशिक्षण लिया था.

पुलिस का दावा है कि ये कैंप सिमी ने आयोजित किया था. जहाँ इन लोगों को बम धमाके में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को जोड़ना सिखाया गया था.

गुजरात पुलिस का दावा है कि सिमी ही दरअसल इंडियन मुजाहिदीन है जिसने अहमदाबाद में बम धमाके कराए हैं.

26 जुलाई को अहमदाबाद में हुए बम धमाकों में 55 लोग मारे गए थे.