शुक्रवार, 15 अगस्त, 2008 को 04:27 GMT तक के समाचार
नेपाल में शुक्रवार को होने वाले प्रधानमंत्री पद के चुनाव में माओवादी पार्टी के नेता प्रचंड की प्रधानमंत्री पद पर दावेदारी को मज़बूत माना जा रहा है.
प्रचंड का सीधा मुक़ाबला तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नेपाली कांग्रेस के शेरबहादुर देऊबा से है.
इस साल संविधान सभा के चुनाव में माओवादियों को सबसे ज़्यादा सीटें मिली थीं और माओवादी पार्टी सबसे शक्तिशाली राजनीतिक दल के तौर पर उभरकर सामने आई थी लेकिन दूसरे राजनीतिक दलों से उसके मतभेद बने रहे.
अब माओवादी पार्टी ने मधेशी जनाधिकार फ़ोरम के साथ भी गठबंधन कर लिया है, जिसका ये अर्थ लगाया जा रहा है कि प्रचंड का प्रधानमंत्री चुना जाना लभगभ तय है.
राजशाही के ख़त्म होने के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री पद के लिए यह पहला चुनाव होगा.
पिछले महीने नेपाल में राष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ था लेकिन प्रधानमंत्री पद के लिए राजनेताओं के बीच गतिरोध बना रहा.
नेपाली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मिनेंद्र रिजल ने माना कि देऊबा का जीतना असंभव है, लेकिन साथ ही उनका कहना था कि माओवादियों की नीतियों के बारे में उनकी पार्टी अपने गंभीर संदेहों को दर्ज करना चाहती है.
उन्होंने कहा कि उनको डर है कि माओवादी 'निरंकुश कम्युनिस्ट शासन' नेपाल में लाना चाहते हैं.
दरअसल, प्रचंड के विरोधी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अभी तक देश में सशस्त्र विद्रोहियों की तरह लड़ते आए माओवादी जब प्रधानमंत्री बनेंगे तो उनका शासन का तरीका कैसा होगा.