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शुक्रवार, 15 अगस्त, 2008 को 14:42 GMT तक के समाचार

प्रधानमंत्री चुने गए प्रचंड

माओवादी नेता पुष्प कमल दहल यानी प्रचंड नेपाल के नए प्रधानमंत्री होंगे. शुक्रवार को हुए चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की.

संविधान सभा में कुल 601 सदस्य हैं जिनमें से 551 मतदान के लिए मौजूद थे, प्रचंड के समर्थन में 464 वोट पड़े जबकि उनके विरोधी शेर बहादुर देऊबा को 113 वोट मिले.

संविधान सभा में माओवादियों को दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं है लेकिन नेपाल के तराई वाले इलाक़े की मधेशी पार्टियों के समर्थन से उन्हें इतने बड़े अंतर से जीत हासिल हुई है.

संभावना है कि प्रचंड सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.

प्रचंड के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद माओवादियों के दूसरे सबसे बड़े नेता बाबूराम भट्टराई ने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में कहा कि उनकी पहली चुनौती अपनी नीतियों को लागू करने की होगी.

भट्टराई ने कहा, "अभी सिर्फ़ सत्ता बदली है, उसकी संरचना नहीं बदली है. सेना, पुलिस अदालत और नौकरशाही सब पुरानी है, उस पुरानी मशीनरी के ज़रिए नया क्रांतिकारी काम करना हमारी सबसे बड़ी चुनौती होगी."

क्रांतिकारी भूमि सुधार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह हमारे साझा न्यूनतम कार्यक्रम का हिस्सा है, लेकिन यह आसान नहीं होगा क्योंकि ज़मींदार तबका इसका विरोध करेगा लेकिन क्रांतिकारी भूमि सुधार को लागू करना हमारा फ़ोकस होगा."

भट्टराई ने सरकार की स्थिरता के बारे में कहा, "हमें अपने विरोधियों से चार गुना अधिक वोट मिला है इसलिए हम समझते हैं कि हम एक स्थिर सरकार दे पाएँगे."

विजय

इस साल संविधान सभा के चुनाव में माओवादियों को सबसे ज़्यादा सीटें मिली थीं और माओवादी पार्टी सबसे शक्तिशाली राजनीतिक दल के तौर पर उभरकर सामने आई थी.

माओवादी पार्टी ने मधेशी जनाधिकार फ़ोरम के साथ भी गठबंधन कर लिया था. जिसके बाद प्रचंड का प्रधानमंत्री चुना जाना लगभग तय माना जा रहा था.

राजशाही के ख़त्म होने के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री पद के लिए यह पहला चुनाव था.

पिछले महीने नेपाल में राष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ था लेकिन प्रधानमंत्री पद के लिए राजनेताओं के बीच गतिरोध बना रहा.

नेपाली कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के लिए शेर बहादुर देउबा को अपना उम्मीदवार बनाया था. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिल पाया.