रविवार, 10 अगस्त, 2008 को 12:55 GMT तक के समाचार
अधिकारियों के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान से लगी पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में पिछले चार दिनों से जारी संघर्ष में सौ से ज़्यादा चरमपंथी मारे गए हैं.
पाकिस्तान का कहना है कि इस संघर्ष में बाजौर में उसके नौ सैनिक भी मारे गए हैं.
ऐसी ख़बरें हैं कि सामरिक रुप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस इलाक़े में चरमपंथी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए जंगी विमानों, हेलिकॉप्टर और टैंकों का इस्तेमाल का इस्तेमाल किया गया.
तालेबान का कहना है कि उसके सिर्फ़ सात लड़ाके मारे गए हैं. हालाँकि दोनों ओर से हो रहे दावों की किसी स्वतंत्र एजेंसी पुष्टि नहीं हुई है.
पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर हाल के हफ़्तों में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी.
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) और अफ़ग़ान सरकार का कहना है कि ये इलाक़ा अल क़ायदा और तालेबान लड़ाकों के लिए पनाहगार बना हुआ है.
इस वर्ष जून में पाकिस्तान सरकार और तालेबान नेताओं की बातचीत टूट गई थी.
भारी लड़ाई
बाजौर में भारी संघर्ष के कारण स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा. यहाँ अफ़ग़ान सीमा से सटे एक इलाक़े पर क़ब्ज़े के लिए भीषण लड़ाई हुई.
शुक्रवार को सेना अपनी जगह से पीछे हट गई और उसने बाजौर के मुख्य शहर खार की ओर रुख़ किया लेकिन एक स्थानीय अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बीबीसी को बताया है कि तालेबान लड़ाकों ने शहर को चारों ओर से घेर लिया है.
एक सैनिक सूबेदार सौगुद्दीन ने बीबीसी को बताया कि उसके कई साथियों को तालेबान लड़ाकों ने बंधक बना लिया है.
उनका कहना था, "तालेबान के हमले में एक सैनिक मौके पर ही मारा गया जबकि चार लापता हैं. बाकियों ने हथियार डाल दिए और वे उनके क़ब्ज़े में हैं."