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रविवार, 10 अगस्त, 2008 को 22:29 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ आरोप पत्र तैयार

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ सोमवार की शाम से महाभियोग की कार्यवाही शुरू होने जा रही है.

इससे पहले रविवार की रात इस्लामाबाद में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ आरोप पत्र भी तैयार कर लिया है.

मुशर्रफ़ पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने कई बार संविधान का उल्लंघन किया है और अमरीका से मिलने वाली करोड़ों डॉलर की सहायता का दुरुपयोग भी किया है.

सोमवार की शाम को पाकिस्तान में संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस सत्र में राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने की प्रक्रिया शुरू होगी.

सत्तारूढ़ नेताओं ने महाभियोग की कार्यवाही शुरू होने से पहले कहा है कि राष्ट्रपति को चाहिए कि अपने पद से तत्काल इस्तीफ़ा दे दें.

नवाज़ शरीफ़ की पार्टी एमएलएन के नेता इशरार डार ने कहा कि अभी भी समय है कि मुशर्रफ़ अपना इस्तीफ़ा सौंप दें.

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को अब इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. यह उनके लिए भी बेहतर है और पाकिस्तान के लिए भी क्योंकि संसद में दो तिहाई से ज़्यादा लोग उनके ख़िलाफ़ हैं."

मुश्किल में मुशर्रफ़

पिछले गुरुवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ ने घोषणा की थी कि वे परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाएँगे.

उनका कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ अक्षम हैं और लोकतंत्र के रास्ते का रोड़ा बने हुए हैं.

महाभियोग लाने की यह प्रक्रिया सोमवार की शाम बुलाए गए पाकिस्तान की संसद के विशेष सत्र से शुरू होनी है.

अब यदि मुशर्रफ़ विरोधी खेमे को महाभियोग प्रस्ताव पारित करवाना है तो सत्तारूढ़ गठबंधन को दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत जुटाना होगा.

हालांकि मुशर्रफ़ समर्थकों ने संसद में उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव आने पर एकजुट होकर इसका विरोध करने का फ़ैसला किया है.

पाकिस्तान में पहले सत्ता में रह चुकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) ने कहा है कि उसे पूरा भरोसा है कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन को महाभियोग प्रस्ताव पारित करवाने के लिए दो तिहाई बहुमत जुटाने से रोक सकती है.

पार्टी महासचिव मुसाद हुसैन ने महाभियोग लाने के प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस महाभियोग का विरोध करेगी. मुशर्रफ़ इसका सामना करने के लिए तैयार हैं. वो पीछे हटने वाले नहीं हैं.

पाकिस्तान की संसद के दोनों सदनों में सांसदों की कुल संख्या 442 है और ऐसे में महाभियोग पारित कराने के लिए दो तिहाई यानी 257 सांसदों के समर्थन की ज़रूरत होगी.