रविवार, 10 अगस्त, 2008 को 11:06 GMT तक के समाचार
उमर फारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. गुंटूर ज़िले में बाढ़ के पानी में एक बस के बह जाने पर 40 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
छह लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई. प्रशासन ने तीन लोगों के शव बरामद कर लिए हैं. ज़िले के पुलिस अधीक्षक महेश चंद्र लड्ढा ने बताया कि बाकी के लोगों की तलाश की जा रही है.
रविवार की सुबह ये बस गुंटूर ज़िले के अमरावती मंडल जा रही थी. भारी बारिश और बाढ़ के कारण पिछले दो दिनों से वहाँ बस सेवा ठप पड़ी हुई थी इसीलिए सारे लोग इस बस में सवार हो गए.
बस एक गाँव से गुज़र रही थी उसी वक्त सड़क पर बाढ़ के पानी का तेज़ बहाव आया और बस को बहा ले गया.
इस हादसे में बच जाने वाले 45 साल के लक्ष्मी नारायण का कहना है, "बसें नहीं चल रही थी. इसीलिए हम सब इस बस में सवार हो गए. तभी गाँव की सड़क पर बाढ़ का पानी आया और ड्राइवर ने बस पर से नियंत्रण खो दिया."
पुलिस के मुताबिक इस बस में 10 महिलाएँ और पाँच बच्चे भी सवार थे.
इस हादसे के अलावा भारी बारिश ने आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के अलावा राज्य के दस ज़िलों को बुरी तरह प्रभावित किया है. गुंटूर में हुए हादसे के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 59 पहुँच गई है.
हैदराबाद में पानी-पानी
हैदराबाद में भारी बारिश की वजह से 14 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 13 लोगों की मौत कृष्णा ज़िले में मारे गए हैं. विशाखापट्टनम, पश्चिमी गोदावरी, गुंटूर, नालगोंडा, मेडक, ख़म्मम, करीमनगर और वारंगल में भारी बारिश की खबर है. इस जगहों पर भी कुछ लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
शनिवार की रात भी इन इलाक़ों में भारी बारिश होती रही. प्रशासन के अनुसार बाढ़ के हालात सुधरने की उम्मीद कम ही है. ख़म्मम ज़िले की आधी आबादी बाढ़ के पानी से प्रभावित है.
हैदराबाद में भी तकरीबन 42 कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस आया है. यहाँ की हुसैन सागर झील से पानी छोड़े जाने के कारण एक बच्चे के बह जाने की ख़बर है.
भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. रविवार को बाढ़ के हालात का जायज़ा लेने के बाद मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार ने पूरे राज्य में 85 राहत शिविर स्थापित किए हैं.
इन शिविरों में लोगों के लिए पीने का पानी और खाना उपलब्ध कराया जा रहा है.
आंध्र प्रदेश के अलावा बारिश ने महाराष्ट्र में भी बाढ़ ने क़हर बरपाया है. वहाँ के कोंकण और पूना में भारी बारिश ने आम जीवन को प्रभावित किया है. पुणे से मुंबई जाने वाली इंटरसिटी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.