शुक्रवार, 08 अगस्त, 2008 को 18:54 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थकों ने संसद में उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव आने पर एकजुट होकर इसका विरोध करने का फ़ैसला किया है.
पाकिस्तान में पहले सत्ता में रह चुकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) ने कहा है कि उसे पूरा भरोसा है कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन को महाभियोग प्रस्ताव पारित करवाने के लिए दो तिहाई बहुमत जुटाने से रोक सकती है.
यदि महाभियोग प्रस्ताव पारित करवाना है तो सत्तारूढ़ गठबंधन को दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत जुटाना होगा.
गुरुवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ ने घोषणा की थी कि वे परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाएँगे.
उनका कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ अक्षम हैं और लोकतंत्र के रास्ते का रोड़ा बने हुए हैं.
अभी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.
अलबत्ता अमरीका ने कहा है कि यह पाकिस्तान का अपना अंदरूनी मामला है.
विकल्प की तलाश
इस बीच परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपने क़ानूनी सलाहकारों से विकल्प को लेकर चर्चाएँ शुरु कर दी हैं.
बीबीसी के संवाददाता एम इलियास ख़ान का कहना है कि मुशर्रफ़ दोनों तरह के विकल्प तलाश रहे हैं. एक तो यह कि महाभियोग प्रस्ताव के ख़िलाफ़ सांसदों की संख्या किस तरह जुटाई जाए और दूसरा क़ानूनी विकल्प क्या है.
पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ चिंतित दिखते हैं और बीजिंग ओलंपिक के उद्धाटन समारोह में भाग लेने के लिए जाना स्थगित करके इसके संकेत भी दिए हैं.
इस बीच पाकिस्तान के मीडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि मुशर्रफ़ संसद में अपने ख़िलाफ़ आने वाले प्रस्ताव का मुक़ाबला करेंगे.
हालांकि परवेज़ मुशर्रफ़ ख़ामोश से दिखते हैं लेकिन पीएमएल(क्यू) के नेता मुखर हैं.
पीएमएल(क्यू) के महासचिव मुशाहिद हुसैन ने डॉन न्यूज़ टेलीविज़न चैनल से कहा, "मैं व्यक्तिगत रुप से संसद और सरकार को बर्खास्त करने के राष्ट्रपति के अधिकार का विरोध करता हूँ और मानता हूँ कि इसे ख़त्म किया जाना चाहिए लेकिन मैं महाभियोग प्रस्ताल के भी ख़िलाफ़ हूँ."
मुशर्रफ़ के शासनकाल में सूचना मंत्री रहे तारिक़ अज़ीम ने कहा है कि महाभियोग प्रस्ताव त्रासदी को बुलावा देने जैसा है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी से उन्होंने कहा, "हम इसका विरोध करेंगे."