गुरुवार, 07 अगस्त, 2008 को 18:12 GMT तक के समाचार
दिल्ली से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार, नौ अगस्त को जम्मू के दौरे पर जाएगा. इस दल का नेतृत्व विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और गृहमंत्री शिवराज पाटिल करेंगे.
यह प्रतिनिधिमंडल जम्मू में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों से मिलेगा और इसका हल निकालने का प्रयास करेगा.
इस बीच जम्मू कश्मीर सरकार ने भी जम्मू के प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.
हालांकि अमरनाथ संघर्ष समिति ने बातचीत का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है लेकिन बातचीत से पहले ही समिति ने कहा है कि ज़मीन के मसले पर वह कोई समझौता नहीं करेगी.
अमरनाथ मंदिर बोर्ड को जम्मू-कश्मीर सरकार के 40 हेक्टेयर ज़मीन दिए जाने की घोषणा की थी. इसके बाद श्रीनगर में हिंसा और प्रदर्शन का दौर शुरु हो गया था.
बाद में सरकार ने ज़मीन वापस लेने की घोषणा कर दी और इसके बाद से जम्मू में भड़की हिंसा और उग्र प्रदर्शनों के दौरान कई लोग मारे जा चुके हैं और कई घायल हुए हैं.
जम्मू और श्रीनगर दोनों ही जगहों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस और सेना के बीच सीधा संघर्ष हुआ है.
जम्मू में सांबा, कठुआ, राजौरी और ऊधमपुर ज़िलों में कर्फ़्यू लागू है और प्रदर्शन भी जारी हैं.
बातचीत की पहल
जम्मू में सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल भेजने का फ़ैसला बुधवार को दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में लिया गया था.
प्रधानमंत्री की पहल पर उनके निवास पर हुई बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एकसुर से कहा था कि जम्मू की हालत गंभीर है और स्थिति सुधारने के लिए बातचीत की पहल करनी चाहिए.
इसके बाद सरकार ने गुरुवार को घोषणा की है कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार, नौ अगस्त को जम्मू का दौरा करेगा.
इस बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मसले पर संघर्ष कर रहे लोगों से बातचीत के लिए एक पैनल का गठन किया है.
जम्मू में एक महीने से 30 से अधिक गुट मिलकर आंदोलन कर रहे हैं.
राजभवन का कहना है कि राज्यपाल ने जिस पैनल का गठन किया है वह आंदोलनकारियों से अगले गुरुवार को चर्चा करेगा.