बुधवार, 06 अगस्त, 2008 को 12:51 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
जम्मू कश्मीर में ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकार अमरनाथ मंदिर बोर्ड को कुछ ज़मीन आवंटित कर सकती है.
एक सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि राज्यपाल एनएन वोहरा ने अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति (एवाईएसएस) के नेता लीलाकरन शर्मा को बालतल में बातचीत के लिए बुलाया है, बालतल वह जगह है जहाँ से अमरनाथ यात्रा शुरू होती है.
लीलाकरण शर्मा को भेजे गए पत्र में राज्यपाल के प्रधान सचिव ने लिखा है, "इस बारे स्पष्टता बहुत ज़रुरी है कि बालतल में मंदिर बोर्ड को विभिन्न उद्देश्यों के लिए अस्थायी तौर पर कितनी ज़मीन की ज़रूरत है, इसमें इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि पहले ही मंदिर बोर्ड अमरनाथ यात्रा के दौरान सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए कितनी ज़मीन का इस्तेमाल कर रहा है."
अलगाववादी कश्मीरी संगठनों के समूह ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कहा है कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दोबारा ज़मीन देने पर किसी तरह की सहमति की कोई संभावना नहीं है.
श्रीनगर में ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता उमर फ़ारूक़ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "इसका सवाल ही नहीं उठता."
दूसरी ओर हुर्रियत कॉंफ़्रेंस ने इस मामले पर पहली बार खुलकर कहा है कि अगर जम्मू के हिंदू बहुल ज़िले कश्मीर से अलग हो जाएँ तो उन्हें कोई एतराज़ नहीं है.
उमर फ़ारूक़ ने संवाददाता सम्मेलन में खुलकर कहा, "जम्मू क्षेत्र में ढाई ज़िले हिंदू बहुल आबादी वाले हैं, अगर वहाँ के लोग हमारे साथ ख़ुश नहीं हैं तो उन्हें अपना रास्ता चुनना चाहिए. वे हमें इस तरह बंधक बनाकर नहीं रख सकते."
उन्होंने कहा कि जम्मू के डोडा, राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़ और ऊधमपुर के कई हिस्से मुसलमान बहुल हैं इसलिए उनकी भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए.
यह पहला मौक़ा है जब कि किसी वरिष्ठ कश्मीरी नेता ने धर्म के आधार पर राज्य के बंटवारे की बात कही है.
उमर फ़ारूक़ ने जम्मू में कश्मीरी ट्रक ड्राइवरों पर हुए हमलों की निंदा की है.
जम्मू में तनाव
उधर जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने ख़बर दी है कि पुलिस की फ़ायरिंग में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है और कम से कम आठ लोग घायल हो गए हैं.
पुलिस का कहना है कि 'हिंसक प्रदर्शनकारियों' ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.
एक अधिकारी ने बताया कि जगह-जगह हुई झड़पों में 25 से अधिक लोग घायल हो गए हैं जिसमें कई पुलिसकर्मी भी हैं.
जम्मू में सांबा, कठुआ, राजौरी और ऊधमपुर ज़िलों में कर्फ़्यू लागू है और प्रदर्शन भी जारी हैं.