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सोमवार, 04 अगस्त, 2008 को 03:51 GMT तक के समाचार

मंदिर में भगदड़ की जाँच के आदेश

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिलासपुर ज़िले में स्थित नैना देवी मंदिर में रविवार को मची भगदड़ की जाँच के आदेश दे दिए हैं.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉक्टर अरुण कुमार ने बताया कि इस हादसे की जाँच मंडल आयुक्त से करवाने के आदेश दिए गए हैं.

हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (क़ानून और व्यवस्था) सीताराम मार्डी मे बताया कि इस भगदड़ में 145 लोग मारे जा चुके हैं. मरने वालों में अनेक महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.

शिमला से पत्रकार अश्विनी शर्मा के अनुसार पुलिस अधीक्षक केके इंदौरिया ने बताया कि मरनेवालों में से 132 लोगों की शिनाख्त हो गई है और बाकी के शवों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने मरनेवालों को एक एक लाख रुपए और घायलों को 50-50 हज़ार रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री रविवार को देर रात तक घटनास्थल पर ही थे और राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे थे.

अश्विनी कुमार ने बताया कि मंदिर में दर्शन फिर से शुरू हो गए हैं.

'अफ़वाह से भगदड़'

पुलिस का दावा है कि मंदिर में भीड़ को देखते हुए पूरी व्यवस्था की गई थी.

लेकिन सुरक्षा इंतज़ामों के वाबजूद घटना कैसे हो गई इस पर मेला अधिकारी और एसडीएम पीसी अकेला ने कहा, "ये मंदिर पहाड़ी पर है. ये रास्ता टेढ़ा-मेढ़ा है. अगर भीड़ ज़्यादा हो श्रुद्धालुओं को बीच में रोक दिया जाता है. श्रद्धालु चार-छह घंटे से बैठे इंतज़ार कर रहे थे. किसी ने अफ़वाह फैला दी कि ऊपर से कुछ पत्थर वगैहर गिर गए हैं. इसी में भगदड़ मच गई."

नैनी देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित है.

बिलासपुर के मशहूर नैना मंदिर में बड़ी संख्या में लोग आते हैं.

पुलिस के मुताबिक रोज़ाना करीब 50 हज़ार श्रद्धालु आते हैं लेकिन रविवार को श्रावण अष्टमी के मेले के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बहुत ज़्यादा थी.

नैना देवी मंदिर ऊंचाई पर स्थित है और सड़क से ऊपर जाने के लिए लोगों को पैदल चढ़ना पड़ता है.

ये मंदिर देशभर में स्थित 52 शक्ति पीठों में आता है.