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सोमवार, 04 अगस्त, 2008 को 09:38 GMT तक के समाचार

दो प्रदर्शनकारियों की मौत से तनाव

जम्मू में सोमवार को दो प्रदर्शनकारियों के मारे जाने से वहाँ स्थिति तनावपूर्ण हो गई है.

अमरनाथ ज़मीन मसले को लेकर वहाँ पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं और कर्फ़्यू जारी है.

बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के मुताबिक जम्मू में हो रहे प्रदर्शन को सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी अपना समर्थन दिया है. जम्मू में सोमवार को भारी संख्या में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर चले गए.

आंदोलन को देखते हुए जम्मू क्षेत्र में एसएमएस सेवा पर शनिवार की रात से लगी रोक जारी है.

जम्मू और कश्मीर के जम्मू, सांबा, ऊधमपुर, राजौरी और कथुआ ज़िलों में कर्फ़्यू जारी है. सोमवार की सुबह कर्फ़्यू में थोड़ी ढील दी गई थी.

जम्मू के विभिन्न इलाकों से मुसलमानों के साथ कथित मारपीट की खबरें लगातार आ रही हैं.

बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि जम्मू में प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग को कई दिनों तक बंद रख कर कश्मीर घाटी का आर्थिक बहिष्कार किया है.

300 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग कश्मीर को भारत से जोड़ने का एकमात्र ज़मीनी रास्ता है.

इस आर्थिक बहिष्कार से स्थानीय उद्योग को भारी नुकसान पहुँचा है. हाल में कश्मीर से दिल्ली के लिए जाने वाली फलों से लदे ट्रक को राजमार्ग पर ही रोकना पड़ा.

हालांकि शनिवार को राजमार्ग को फिर से खोल दिया गया है, फल विक्रेताओं का कहना है कि बहिष्कार के कारण फलों के ख़राब हो जाने से उन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ा है.

कश्मीर में हड़ताल

उधर जम्मू में मुसलमानों के साथ कथित मारपीट के विरोध में भारत प्रशासित कश्मीर में सोमवार को हड़ताल का आह्वान किया गया है.

बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के मुताबिक अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मुद्दे का मुसलमानों ने यह कह कर विरोध किया था कि यह क़दम कश्मीर में मुसलमानों की जनसंख्या के अनुपात को संतुलित करने का एक प्रयास है.

ज़मीन विवाद को लेकर हुई हिंसा में पिछले महीने पाँच लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हो गए थे.

भारत प्रशासित कश्मीर में बंद का आह्नान कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गीलानी ने किया है.

गीलानी ने कहा है कि जम्मू में मुसलमानों की जान माल की सुरक्षा करने में प्रशासन असफल रहा है.