रविवार, 03 अगस्त, 2008 को 02:28 GMT तक के समाचार
अविनाश दत्त
बीबीसी संवाददाता, कोलंबो से
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में चल रहे दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सम्मेलन में रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात करेंगे.
इस दौरान काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले के संबंध में चर्चा होगी.
यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' ये वाकया काबुल में हुआ था इसलिए जब वो राष्ट्रपति करज़ई से बैठकर बात करेंगे तो वो इससे जुड़े सबूतों को उपलब्ध कराने को कहेंगे.''
इसके पहले यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद काबुल में जुलाई में भारतीय दूतावास पर हुए हमले की जाँच कराने का वादा किया था.
भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने इस बातचीत के बाद पत्रकारों को बताया कि "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि काबुल के धमाके की स्वतंत्र जाँच कराएँगे. वे इस बारे में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति करज़ई से भी बात करेंगे."
भारतीय विदेश सचिव के मुताबिक़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अनुरोध किया है कि अगर भारत के पास कोई सबूत हो तो उसे ज़रूर उपलब्ध कराएँ ताकि जाँच में मदद मिल सके.
उल्लेखनीय है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन इस हमले के बाद सीधे-सीधे आरोप लगा चुके हैं कि इसमें पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का हाथ था.
हालांकि पाकिस्तान इस बात से इनकार करता है.
पाकिस्तान निशाने पर
इसके पहले सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पाकिस्तान पर तीखे प्रहार किए थे.
उन्होंने आरोप लगाया था, "पकिस्तान में आतंकवादी और उनके शरण स्थल मज़बूत होते जा रहे हैं. ये बेनज़ीर भुट्टो के कत्ल से साबित होता है.''
राष्ट्रपति करज़ई का कहना था, " इस साल कोलंबो में आम नागरिकों पर हमले और हाल के दिनों में भारतीय शहरों अहमदाबाद-बंगलौर और साथ ही काबुल पर हमले हमें आतंकवादियों की बढ़ती गतिविधियों की याद दिलाते हैं."
सार्क सम्मेलन के अंतिम दिन एक साझा वक्तव्य जारी किए जाने की भी उम्मीद है. इसमें खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा संकट और आतंकवाद से साझा रूप से निपटने की बात कही जाएगी.
इस वक्तव्य में आतंकवाद के कड़े शब्दों में निंदा किए जाने की उम्मीद है.