शुक्रवार, 01 अगस्त, 2008 को 19:16 GMT तक के समाचार
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) से निकाले जाने के बाद चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वह अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
सोमनाथ चटर्जी ने पाँच पन्नों के अपने बयान में कहा है कि उन्होंने काफी सोच विचार करने के बाद अध्यक्ष पद पर बने रहने का फ़ैसला किया लेकिन उन्हें पार्टी विरोधी बताया गया.
उन्होंने इस्तीफ़ा माँगने के लिए सीपीएम की आलोचना की और कहा कि संवैधानिक पद पर बने रहते पार्टी उन्हें किसी तरह का निर्देश नहीं दे सकती.
सीपीएम ने 22 जुलाई को विश्वास मत पारित होने के ठीक एक दिन बाद सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निकाल दिया था.
सोमनाथ ने कहा, "वह दिन मेरे जीवन के सबसे दुखदायी दिनों में से एक था."
उन्होंने इस बात का खंडन किया कि वो किसी पार्टी को मदद करने के लिए अपने पद पर बने रहे.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पद पर बने रहते सभी राजनीतिक गतिविधियों से अपने को दूर रखा है.
उनका कहना है कि सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत विश्वास मत से पहले जब उनसे मिले तो यही कहा गया कि पार्टी की बैठक में स्पीकर के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई.