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शुक्रवार, 01 अगस्त, 2008 को 23:44 GMT तक के समाचार

बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू से

जम्मू में पुलिस फ़ायरिंग, दो मारे गए

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के विरोध में जम्मू में आंदोलन फिर हिंसक हो उठा जिसमें दो लोग मारे गए हैं और कई घायल हो गए.

शुक्रवार को उग्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फ़ायरिंग में दो लोग मारे गए हैं और कम से कम आठ घायल हुए हैं.

तनाव बढ़ता देख अधिकारियों ने जम्मू के दो ज़िलों में कर्फ़्यू लगा दिया है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार शाम सांबा में प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए. पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए पहले आँसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया लेकिन बात नहीं बनी.

इसके बाद पुलिस ने फ़ायरिंग की जिसमें दस लोग घायल हो गए. घायलों में से दो ने जम्मू अस्पताल में दम तोड़ दिया.

हालाँकि पुलिस का कहना है कि फ़ायरिंग दो विरोधी गुटों के बीच हुई थी.

जम्मू में शनिवार सुबह से ही आंदोलन तेज़ हो गया. नेशनल कॉंफ़्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती के जम्मू पहुँचने की ख़बर फैलते ही लोग सड़कों पर निकल आए.

सैंकड़ों प्रदर्शनकारी हवाई अड्डे तक पहुँच गए. अधिकारियों ने प्रदर्शन तेज़ होता देख दोनों नेताओं को हेलीकॉप्टर से राजभवन पहुँचाया जहाँ उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ स्थिति पर चर्चा की.

ये दोनों पार्टियाँ अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के विरोध में हैं.

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को चालीस हेक्टेयर ज़मीन देने की घोषणा की थी जिस पर अमरनाथ यात्रियों के लिए अस्थायी सुविधाओं का निर्माण किया जाना था लेकिन बाद में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने यह फ़ैसला वापस ले लिया.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मामले पर कश्मीर घाटी के कई संगठनों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किए थे जिसके बाद सरकार ने फ़ैसला वापस ले लिया था.

इस विवाद के कारण ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपना समर्थन वापस ले लिया था.

जुलाई महीने के शुरू से ही जम्मू में सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन जारी हैं.