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गुरुवार, 31 जुलाई, 2008 को 12:51 GMT तक के समाचार

बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू से

जम्मू में प्रदर्शन और तेज़ होंगे

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने और फ़ैसला वापस लिए जाने के मामले पर जम्मू में जारी बंद के आठवें दिन आयोजकों ने अपने अभियान को तीन दिन और आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया है.

अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के संयोजक लीलाकरन शर्मा ने राज्य सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, "हम राज्यपाल से मिलेंगे और सुनेंगे कि इस बारे में उन्हें क्या कहना है, हमारा पक्ष बहुत स्पष्ट है, हम चाहते हैं ज़मीन अमरनाथ मंदिर बोर्ड को सौंप दी जाए."

जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव अनिल गोस्वामी और पुलिस के प्रमुख कुलदीप खुडा ने अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति को बातचीत का न्यौता दिया था.

लीलाकरन शर्मा ने कहा, "समिति के सारे सदस्य मिलकर फ़ैसला करेंगे राज्यपाल से कब मुलाक़ात करनी है लेकिन इस बीच हमारा ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा जब तक कि हम अपना मक़सद हासिल न कर लें."

इस बीच दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान, बैंक और यातायात पूरी तरह ठप रहे, दफ़्तरों में भी आंशिक उपस्थिति दर्ज की गई, जम्मू में हिंदू बहुल इलाक़ों में ज़ोरदार प्रदर्शन की ख़बरें मिली हैं.

प्रदर्शनकारियों ने जम्मू को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले हाइवे को रामबन से पास बंद कर दिया जिसे काफ़ी समय के धरने के बाद यातायात के लिए खोला गया.

अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति में भारतीय जनता पार्टी सहित लगभग तीस राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठन शामिल हैं.

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को चालीस हेक्टेयर ज़मीन देने की घोषणा की थी जिस पर अमरनाथ यात्रियों के लिए अस्थायी सुविधाओं का निर्माण किया जाना था लेकिन बाद में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने यह फ़ैसला वापस ले लिया.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मामले पर कश्मीर घाटी के कई संगठनों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किए थे जिसके बाद सरकार ने फ़ैसला वापस ले लिया था.

इस विवाद के कारण ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपना समर्थन वापस ले लिया था.

जुलाई महीने के शुरू से ही जम्मू में सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन जारी हैं.