मंगलवार, 29 जुलाई, 2008 को 08:40 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच सोमवार दोपहर से रात तक गोलीबारी होती रही है.
भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल एके माथुर का कहना है कि गोलीबारी रातभर चलती रही और मंगलवार सुबह ही बंद हुई है. अब दोनों पक्षों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच मंगलवार को फ़्लैग मीटिंग यानी मतभेद सुलझाने के लिए बैठक होनी है.
लेफ़्टिनेंट कर्नल एके माथुर ने इस बात की पुष्टि की है कि एक भारतीय सैनिक इस गोलीबारी में मारा गया है. हालांकि पाकिस्तान की ओर से भी कुछ सैनिकों के हताहत होने की ख़बरें आ रही हैं लेकिन सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
भारत और पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल (डीजीएमओ) के बीच सोमवार रात फ़ोन पर बातचीत भी हुई थी.
नवंबर 2003 में दोनों देशों ने नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम के लिए सहमति जताई थी. लेकिन कई बार दोनों देश एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंधन का आरोप लगा चुके हैं.
'संघर्षविराम लागू'
ग़ौरतलब है कि भारतीय सेना का कहना है कि वह अभी भी मानती है कि पाँच साल पुराना संघर्षविराम लागू है और इस गोलीबारी से संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं हुआ है.
उल्लेखनीय है कि दोनों ही ओर से गोलियाँ तो चल रही हैं लेकिन तोप के गोले नहीं दागे गए हैं.
भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल एके माथुर ने बीबीसी को बताया कि नियंत्रण रेखा से लगे नौगाम सेक्टर पर एक भारतीय चौकी को लेकर पाकिस्तानी सैनिकों को आपत्ति थी.
इस मामले पर अपनी आपत्ति जताने के लिए नियंत्रण रेखा पार करके कुछ पाकिस्तानी सैनिक भारतीय सैनिकों के पास पहुँचे.
कर्नल माथुर के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान के सैनिकों के बीच झड़प हो गई और पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलियाँ चलानी शुरू कर दी.
कर्नल माथुर ने आरोप लगाया कि दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच झड़प के बाद पाकिस्तानी सैनिक नियंत्रण रेखा पार करके अपने इलाक़े में गए और गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी गोलीबारी की.
कर्नल माथुर ने दावा किया कि पहली बार भारतीय सैनिकों ने युद्धविराम के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी का जवाब दिया.