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सोमवार, 28 जुलाई, 2008 को 15:33 GMT तक के समाचार

धमाकों पर भाजपा और कांग्रेस में ठनी

बंगलौर और अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच ठन गई है.

भाजपा ने कहा है कि बंगलौर और अहमदाबाद में हुए धमाके विश्वास मत के लिए सांसदों को पैसे दिए जाने के आरोपों से ध्यान हटाने की साज़िश हैं.

दूसरी ओर कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज़ जताया है और कहा है कि पार्टी इस पर क़ानूनी कार्रवाई करेगी.

भाजपा ने यह दावा किया है कि दोनों भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में हुए धमाकों के कारण वे ये मानने पर मजबूर हुए हैं कि जो दिख रहा है उससे हटकर कुछ बात है.

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "विश्वास मत के लिए पैसे दिए जाने के आरोपों से ध्यान हटाने के लिए धमाके किए गए हैं."

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लोकसभा में विश्वास मत जीतने के कुछ ही दिन बाद ये धमाके हुए हैं. सुषमा स्वराज ने कहा, "ये बयान ऐसे ही नहीं हैं. मैं जो कह रही हूँ, उस पर क़ायम हूँ."

'बयान का मतलब'

जब उनसे ये पूछा गया कि क्या उनका इशारा केंद्र की ओर है और वे यह आरोप लगा रही हैं कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार की इन धमाकों में कोई भूमिका है, तो सुषमा स्वराज ने कहा, "मैं जो चाहती थी, वो मैंने कह दिया है. अब ये आप पर है कि आप बाक़ी चीज़ों का क्या मतलब निकालते हैं."

सुषमा स्वराज ने यह भी आरोप लगाया कि धमाके मुस्लिम वोट हासिल करने की कोशिश थे क्योंकि अमरीका समर्थक नीति के कारण मुस्लिम मत बँट गए थे.

उन्होंने दावा किया कि धमाके और धमाकों की जगह ऐसे प्रमाण हैं, जो उनके आरोपों का समर्थन करते हैं.

उन्होंने कहा, "दो दिनों में दो भाजपा शासित राज्यों में धमाके और वो भी लोकसभा में सरकार के विश्वास मत जीतने के सिर्फ़ चार दिन बाद- इसका कुछ तो मतलब है. मैं जो कह रही हूँ वह परिस्थितिजन्य प्रमाण से साबित भी होता है."

सुषमा स्वराज ने कहा कि पोटा जैसे आतंकवाद निरोधक क़ानून के न रहने के कारण ही देश में आतंकवादी गतिविधियाँ बढ़ी हैं.

कांग्रेस नाराज़

दूसरी ओर कांग्रेस ने सुषमा स्वराज के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के आरोपों पर क़ानूनी कार्रवाई करेगी.

उन्होंने कहा, "सुषमा स्वराज कैसे इतना ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान दे सकती हैं. कांग्रेस इस पर क़ानूनी कार्रवाई करेगी."

कांग्रेस की मीडिया सेल के प्रभारी वीरप्पा मोइली ने भी भाजपा के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज कांग्रेस के ख़िलाफ़ ज़हर उगल रही हैं.

वीरप्पा मोइली ने कहा, "भाजपा विश्वास मत हारने के बाद धर्म भूल गई है. वे आतंकवादी हमलों को विश्वास मत की हार से जोड़ रहे हैं. यह मामला राजनीति और धर्म से ऊपर है. अगर ज़रूरत हुई तो हम इस मामले को अदालत में भी ले जाएँगे."