रविवार, 27 जुलाई, 2008 को 07:38 GMT तक के समाचार
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में बाढ़ की स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है.
बिहार शरीफ़ में अधिकांश सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 ए पूरी तरह से बाधित है. स्थिति यह है कि इसी राजमार्ग पर कई जगहों पर नावें चल रही हैं.
बिहार के समस्तीपुर ज़िले में स्थित पिपरा-पिपरासी तटबंध पर बाढ़ का भारी दबाव कायम है. दूसरी ओर नालंदा और पटना के लगभग एक सौ गाँव बाढ़ की चपेट में हैं.
पटना से मिली खबर के अनुसार लगातार हो रही बारिश ने उत्तर बिहार की नदियों को ख़तरनाक बना दिया है. गंगा, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, कमला और कोसी आदि नदियाँ ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
असम में जलस्तर बढ़ा
असम में बाढ़ ने माजुली को अपनी चपेट में ले लिया है और ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है जिससे क्षेत्र में चिंता व्याप्त हो गई है.
गुवाहाटी से रिपोर्ट मिली है कि ब्रह्मपुत्र नदी ने करीब 300 गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है और पानी के अचानक बढ़ जाने से संपर्क सड़कें भी कट गई हैं.
दूसरी भी अनेक जगहों में भी स्थिति ख़तरनाक बनी हुई है. लखीमपुर, धेमाजी और जोरहाट में भी अनेक खेत खलिहान पानी की चपेट में आकर डूब गए हैं.
इस नदी ने लखीमपुर ज़िले में मतमारा के तटबंधों को भी तोड़ दिया है. इससे यह ज़िला राज्य के बाकी स्थानों से कट गया है.
उपग्रहों से मिली तस्वीरों की रिपोर्ट बताती हैं कि ब्रह्मपुत्र की प्रवृत्ति सुबंसिरी की ओर बढ़ने की प्रतीत हो रही है.
इससे अंदाज़ लगाया जा रहा है कि यह लखीमपुर और धेमाजी के नए क्षेत्रों को भी डुबो सकती है.