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रविवार, 27 जुलाई, 2008 को 04:40 GMT तक के समाचार

17 धमाकों से दहला अहमदाबाद, 45 मौतें

गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार की शाम 90 मिनट के भीतर एक के बाद एक 17 बम धमाकों में अब तक 45 लोग मारे गए हैं और कुछ घायलों की हालत 'अत्यंत गंभीर' बताई जा रही है. है

धमाकों में सौ से अधिक लोग घायल हैं.

गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

उनका कहना था, ' अहमदाबाद के सिविल और वीएस अस्पताल के डॉक्टर कह रहे हैं कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. अभी तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है.'

मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पतालों का दौरा किया है और मामले की जांच क्राइम ब्रांच ने शुरु कर दी है.

इस बीच रविवार की सुबह अहमदाबाद के हठकेश्वर इलाक़े में एक कूड़े के डिब्बे में जिंदा बम मिला जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया. इस बम में टाइमर लगा हुआ था.

शुक्रवार को बंगलौर और उस ठीक एक दिन बाद अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को दिल्ली में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है.

इस बैठक में पूरे देश के सुरक्षा की स्थिति का जायज़ा लिया जाएगा. सभी राज्यों के साथ-साथ सभी महानगरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

गुजरात में सेना को सतर्क रहने के लिए कहा गया है और रेपिड एक्शन फ़ोर्स के दस्तों को तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मियों ने गुजरात में रविवार की सुबह फ़्लैग मार्च किया.

केंद्र की तरफ़ से एनएसजी कमांडो और बम निरोधक दस्ते अहमदाबाद पहुँच चुके हैं. बम निरोधक दस्ते की एक टीम और रविवार को रवाना होगी.

केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने बताया कि ये टीम धमाकों में इस्तेमाल की गई विस्फोटक साम्रगी की जाँच कर रही है.

बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

सूत्रों के अनुसार अहमदाबाद में हुए धमाकों में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि सौ से ज़्यादा लोग घायल हैं.

सबसे बड़ा धमाका अहमदाबाद के अस्पताल में हुआ जहाँ दो डॉक्टरों समेत सबसे ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

स्थानीय समाचार पत्र के संपादक अजय उमठ के अनुसार इस सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पर एक साथ दो धमाके हुए जिसमें सबसे ज़्यादा 25 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

उनका कहना है कि जिस तरह के धमाके सिविल अस्पताल में हुए हैं उनकी जाँच के बाद पुलिस को लगता है कि इसमें 'आरडीएक्स' या 'मानव बम' का इस्तेमाल किया गया हो सकता है.

शहर के निजी अस्पतालों में भी कई लोग भर्ती हैं जिनकी गिनती नहीं की गई है. इसलिए अहमदाबाद बम धमाकों में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.

बम निष्क्रिय किए गए

एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार अरविंद मिल परिसर में अहमदाबाद कॉर्पोरेशन की बस में एक ज़िंदा बम पाया गया जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया. इस बम में रात 12 बजे का टाइमर लगाया गया था.

इसी तरह से दो-तीन जगहों से कुछ और बम भी निष्क्रिय किए गए.

फोरेंसिक साइंस के जानकारों का कहना है कि धमाके शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों में साइकिलों के ज़रिए कराए गए. इन साइकिलों पर एक नीला झोला या पॉलीथीन के बैग टंगे थे जिनमें जिलेटिन की छड़े इस्तेमाल कर धमाके कराए गए.

जानकारों का कहना है कि जिस तरह से कम तीव्रता वाले धमाके किए गए हैं उससे धमाकों का तरीका बंगलौर धमाकों की तरह ही है.