शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 12:52 GMT तक के समाचार
वामपंथियों के समर्थन वापसी के बाद सामने आकर मनमोहन सिंह सरकार को बचाने वाली समाजवादी पार्टी ने यूपीए सरकार में शामिल होने के सवाल पर सस्पेंस बरकरार रखा है.
हालांकि यूपीए सरकार को समर्थन देते समय समाजवादी पार्टी ने कहा था कि वो मंत्रिपद की इच्छुक नहीं है, मगर अब राजनीतिक हलकों में यह अटकलें फिर गर्म है कि क्या समाजवादी पार्टी सरकार में शामिल हो सकती है.
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी के कुछ सासंद सरकार में शामिल होने के पक्ष में हैं तो अमर सिंह ने कूटनयिकों सा जवाब देकर अटकलों को और हवा दे दी.
पार्टी महासचिव ने कहा, "मैं पार्टी का छोटा कार्यकर्ता हूँ, यह सवाल या तो समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से पूछना चाहिए या फिर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गाँधी से."
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 'अभी ऐसा कोई मामला नहीं है'.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने यूपीए में किसी मंत्रालय की माँग रखी है, उन्होंने कहा, "अभी यूपीए के किसी घटक दल से इस बारे में कोई बात नहीं हुई है. हम यूपीए के घटक दलों के बीच कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहते."
उनका कहना था कि उनकी पार्टी यूपीए के लिए कोई असुविधा खड़ी नहीं करना चाहती.
आर्थक सुधारों पर पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का रुख़ इसे लेकर सकारात्मक है लेकिन वे खुदरा बाज़ार को खोले जाने के ख़िलाफ़ है क्योंकि ख़ुदरा क्षेत्र में बड़े खिलाड़ी छोटे व्यापारियों की जगह छीन रहे हैं.
पीटीआई के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी में यूपीए में शामिल होने के बाद से अनिल अंबानी की कंपनी के शेयरों के भाव बढ़ रहे हैं, उन्होंने कहा, "मैं अनिल अंबानी की किसी कंपनी का प्रवक्ता नहीं हूँ और न उनकी किसी कंपनी के बोर्ड का सदस्य हूँ."