शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 12:25 GMT तक के समाचार
समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव अमर सिंह ने यूपीए सरकार को बचाने के लिए सांसदों की ख़रीदफरोख़्त में शामिल होने के आरोपों को निराधार बताया है.
उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि वे इसका सबूत पेश करें.
शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हमने भी अपने सांसद खोए हैं, लेकिन हमने किसी को भी पैसे नहीं दिए."
उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले छह सांसदों को पार्टी से निष्कासित करने की भी घोषणा की है.
उल्लेखनीय है कि भाजपा के तीन सांसदों ने लोकसभा में औपचारिक रुप से शिकायत दर्ज करवाते हुए उसमें अमर सिंह का नाम लिया है.
इन सांसदों ने समाजवादी पार्टी के सांसद रेवती रमण सिंह और कांग्रेस के नेता अहमद पटेल का भी नाम लिया है.
'बंधक हैं सांसद'
उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों को चुनौती देता हूँ कि वे मरे ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को साबित करें और सांसदों की ख़रीदफरोख़्त वाली सीडी सार्वजनिक की जाए."
उनका कहना था, "यदि पैसे का लेन-देन करते मेरी तस्वीर दिखा दी जाए या इसके बारे में बात करते हुए मेरी आवाज़ भी सुना दी जाए तो मैं सार्वजनिक जीवन छोड़ दूँगा."
सपा नेता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के छह सांसदों को नई दिल्ली स्थित उत्तर प्रदेश भवन में बंधक बना कर रखा गया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उनके सांसदों पर नज़र रखे हुए हैं.
संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने व्हिप का उल्लंघन करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल छह सांसदों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
उन्होंने बताया कि सपा संसदीय दल के नेता प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्हें इसकी जानकारी देंगे.
सपा ने अपने जिन सांसदों को निलंबित किया है, उनमें जयप्रकाश (मोहनलालगंज), एसपी सिंह बघेल (जालेसर), राजनरायण बुधौलिया (हमरीपुर), अफ़जल अंसारी (गाज़ीपुर), अतीक अहमद (फूलपुर) और मुनव्वर हुसैन (मुज़फफ़्रनगर) के नाम शामिल हैं.
सपा के इन सांसदों ने लोकसभा में 22 जुलाई को विश्वासमत प्रताव पर हुए मतदान में पार्टी के व्हिप का उल्लंघन कर विश्वासमत के ख़िलाफ़ वोट दिया था.