गुरुवार, 24 जुलाई, 2008 को 00:10 GMT तक के समाचार
कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है.
ग़ौरतलब है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने बुधवार को सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निष्कर दिया था.
कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' वो अच्छे और असाधारण रूप से निष्पक्ष अध्यक्ष रहे हैं.''
उनका कहना था कि सोमनाथ चटर्जी किसी पार्टी के नहीं हैं और अध्यक्ष बनने के बाद वो पार्टी से ऊपर हो गए थे.
ग़ौरतलब है कि सीपीएम ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पार्टी की सदस्यता से निष्कासित कर दिया था.
जयंती नटराजन ने इसे 'असाधारण' घटना बताया और कहा कि ये सीपीएम का आंतरिक मामला है और वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगी.
दरअसल सोमनाथ चटर्जी ने विश्वास मत के मामले पर पार्टी का निर्देश मानने से इनकार कर दिया था, उनका कहना था कि स्पीकर किसी पार्टी का व्यक्ति नहीं होता इसलिए उन पर ये निर्देश लागू नहीं होते.
दस बार सांसद रह चुके 79 वर्षीय सोमनाथ चटर्जी को हटाने का फ़ैसला पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में किया गया, वे 1968 से पार्टी के सदस्य थे.
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्हें पार्टी के संविधान के नियमों के तहत 'पार्टी हितों को नुक़सान पहुँचाने के कारण' निकाला गया.
सोमनाथ चटर्जी के निष्कासन के बाद पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य बिमान बोस ने कहा, "सोमनाथ चटर्जी ने पार्टी का अनुशासन तोड़ा था, कोई भी पार्टी से ऊपर नहीं है. हम सभी पार्टी के नियमों का पालन करते हैं, जो पार्टी के नियम नहीं मानते उनसे हम सारे संबंध तोड़ लेते हैं."
यह पहला मौक़ा है जबकि किसी पार्टी ने अपने स्पीकर को ही पार्टी की सदस्यता से निकाल दिया हो.
सीपीएम के नेता प्रकाश कारत ने इच्छा ज़ाहिर की थी कि सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद सोमनाथ चटर्जी को स्पीकर का पद छोड़ देना चाहिए लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.