बुधवार, 23 जुलाई, 2008 को 11:48 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी ने विश्वास मत पर पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले आठ बाग़ी सांसदों को निकाल दिया है.
संसद में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने दिल्ली में आज इसकी घोषणा की.
उन्होंने कहा कि विश्वास मत के दौरान अगर सांसदों ने क्रॉस वोटिंग नहीं की होती, या मतदान में हिस्सा लिया होता तो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की जीत नहीं होती.
विश्वास मत के दौरान बीजू जनता दल, तेलगू देशम पार्टी, एमडीएमके के कुछ सासंदों ने भी पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए यूपीए सरकार के पक्ष में अपना वोट दिया था.
इन सभी पार्टियों ने भी उन सांसदों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरु कर दी है जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी या मतदान में हिस्सा नहीं लिया था.
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को संसद में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला जब भाजपा के तीन सांसद नोटों की थैलियाँ लेकर पहुँच गए और आरोप लगाया कि उन्हें विश्वास मत में वोट न डालने के लिए रिश्वत दी गई थी.
धब्बा
आडवाणी का कहना था कि उन्हें विश्वास मत के मामले पर जितना दुख हुआ है उतना पूरे संसदीय जीवन में कभी नहीं हुआ.
आडवाणी ने कहा कि उनकी पार्टी ने गुरुवार से पूरे देश में यूपीए के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
उन्होंने कहा, "सरकार ने संसद में दाग़दार जीत हासिल की है. भ्रष्टाचार के इस मामले को जनता को सामने ले जाया जाएगा."
उन्होंने कहा कि दो दिन के अधिवेशन ने लोकतंत्र को कलंकित किया है.
आडवाणी ने कहा, "22 जुलाई संसद के इतिहास में काला दिवस के रुप मे याद किया जाएगा."