लोकसभा में रुपयों की गड्डी दिखाए जाने की घटना को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेता प्रकाश कारत ने कहा है कि यह संसदीय प्रणाली के लिए शर्मनाक दिन है.
भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी ने माँग की है कि प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के तीन सांसद लोकसभा में रुपयों से भरा एक बैग लेकर सदन में आए और उन्होंने आरोप लगाए कि ये रुपए उन्हें यूपीए सरकार के विश्वासमत के दौरान अनुपस्थित रहने के लिए दिए गए थे.
भाजपा ने कहा है कि सत्तारुढ़ गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री ने कहा था कि आरोप बेबुनियाद है और प्रमाण लाना चाहिए और भाजपा के तीन सांसदों ने संसद में प्रमाण पेश कर दिए गए हैं.
सत्तारुढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता अश्विनी कुमार ने कहा है कि यह सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई साज़िश का हिस्सा है.
समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा है कि इस बात प्रमाण देना चाहिए कि रुपया उन्होंने दिया. उनका कहना था कि उनके ख़िलाफ़ दुष्प्रचार किया जा रहा है.
शर्मनाक
सीपीएम महासचिव ने कहा कि वामपंथियों के सभी सहयोगी दलों के सांसदों को पैसे देने के प्रस्ताव दिए जा रहे थे.
उनका कहना था कि कब किसे प्रस्ताव दिया गया इसका पूरा विवरण उनके पास है.
प्रकाश कारत का कहना था, "ऐसा कोई प्रस्ताव वामपंथी दलों के सांसदों को नहीं दिया गया क्योंकि वो जानते हैं कि वामपंथी सांसदों को ख़रीदना संभव नहीं है."
बहुजन समाजवादी पार्टी के एससी मिश्रा ने कहा है कि जो प्रमाण सामने आए हैं उसके बाद प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "अगर प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो राष्ट्रपति को इस सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए."
उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष को इस पूरे मामले की जाँच करनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "अगर यूपीए सरकार विश्वासमत में ऐसी जीत हासिल करना चाहती है तो इससे ज़्यादा शर्मनाक कुछ नहीं है."
उनका कहना था कि कहा जा रहा है कि सोमवार की रात में ही सांसदों को ख़रीदने के लिए समाजवादी पार्टी की थैली से पाँच सौ करोड़ रुपए निकले हैं.
भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है, "प्रधानमंत्री कह रहे थे कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं उन्हें प्रमाण देना चाहिए और हमारे सांसदों ने संसद में प्रमाण रख दिए हैं."
उनका कहना था कि मनमोहन सिंह विश्वासमत रखते हुए कह रहे थे कि वे शुभकर्म करने जा रहे हैं और अब यह मामला सामने आया है.
उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष को इन सांसदों को बुलाकर इसके विवरण लेना चाहिए.
बचाव
कांग्रेस प्रवक्ता अश्विनी कुमार ने संसद में नोट लाकर ख़रीदफ़रोख़्त का आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आरोप बेबुनियाद है और सरकार विश्वासमत हासिल करेगी.
उन्होंने कहा, "वो जानते हैं कि वो हारे हुए हैं इसलिए यह ड्रामा किया गया है."
उनका कहना था कि पैसे को जिस तरह संसद में लाया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संसदीय प्रणाली के लिए शर्मनाक दिन है.
केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी कहा है कि यह लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक दिन है.
उन्होंने एक टेलीविज़न चैनल से हुई बातचीत में कहा, "तीन ही बातें सही दिखती हैं, एक तो यह कि भाजपा के सांसद पैसे लेकर संसद में आए, दूसरा यह कि उस सांसद ने घूस में पैसे लिए और तीसरा यह कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना रुपया संसद में लाया गया."
पैसे देने के आरोप में घिर गई समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने इसे भारतीय जनता पार्टी का षडयंत्र बताया है.
उनका कहना था कि विपक्ष विश्वासमत में बुरी तरह हार रहा है इसलिए यह षडयंत्र कर रहा है.
उन्होंने माँग की है कि संसद में पैसे लेकर आने वाले सांसद (अशोक अर्गल) को तत्काल गिरफ़्तार करना चाहिए.
उनका दावा था कि इस घटना का विश्वासमत पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.
इस मामले में शामिल होने का आरोप समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह पर लगाया गया है.
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमर सिंह ने कहा, "सांसदों का कहना है कि वो मेरे घर आए थे तो वो क्या करने मेरे घर आए थे? क्या बेचने आए थे?"
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "क्या वो राजनीतिक वेश्या हैं और अपने आपको बेचने आए थे?"
अमर सिंह ने चुनौती देते हुए कहा, "वो प्रमाणित करके दिखाएँ कि अमर सिंह ने अपने हाथों से रुपया दिया. वो रुपया कहाँ से आया, वो किस बैंक से निकाला गया था."
"मैं भी रुपया लेकर आ सकता हूँ और कह सकता हूँ कि ये आडवाणी जी ने भिजवाया है."