मंगलवार, 22 जुलाई, 2008 को 13:43 GMT तक के समाचार
अपने ख़ास अंदाज़ में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी और वाम मोर्चे को लताड़ा है.
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताक़तों की हार निश्चित है. महाभारत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक राक्षस को यह वरदान मिला था कि वह न तो दिन में मरेगा न रात में. उसकी मौत गोधूलि बेला में हुई. उन्होंने कहा कि विश्वास मत पर वोट भी इसी गोधूलि बेला में हो रही है और आज वह राक्षस फिर से मरेगा.
परमाणु समझौता
परमाणु समझौते के संबंध में उन्होंने कहा कि समन्वय समिति में वाम दलों के नेताओं के साथ बहस होते रही है. लेकिन वाम दलों के नेता अब भी अपनी जिद्द पर अड़े हैं.
उन्होंने वाम दलों पर चुटकी लेते कहा कि वे कालिदास की तरह जिस डाली पर बैठे पर उसी को काट रहे हैं. उन्होंने सीपीएम के वर्तमान नेतृत्व से अपील की कि वे अपने बुज़ुर्ग नेता ज्योति बसु की बात सुनें और बीजेपी के साथ वोट नहीं डालें.
उन्होंने कहा- चार साल पहले हमें तुमसे प्यार था, आज भी है और कल भी रहेगा.
उन्होंने कहा कि वाम दलों के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने यूपीए सरकार के समर्थन के लिए वाम दलों का शुक्रिया अदा किया.
लालू ने कहा कि वाम दलों की विचारधारा पुरानी पड़ चुकी है. वाम की विचारधारा देश की विचारधारा नहीं है. उन्होंने कहा कि गाँधी की विचारधारा ही भारत की विचारधारा है.
उन्होंने कहा, " तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं, तुम अगर और को चाहोगी तो मुश्किल होगी."
उन्होंने वाम दलों किस तरफ इशारा करते हुए कहा कि हमारी कोशिश आपको रिझाने की है. उन्होंने कहा, 'दूर के मुसाफ़िर आ जाओ.'
हाइड एक्ट
लालू यादव ने कहा कि हाइड एक्ट भारत पर बाध्यकारी नहीं है. उन्होंने परमाणु समझौते पर जोर देते हुए कहा कि इससे देश में मूलभूत सुविधाओं के विकास में बढ़ावा मिलेगी.
उन्होंने कहा कि आज़ादी के साठ साल बाद भी देश में मूलभूत सुविधाओँ का अभाव है. उन्होंने रुस और चीन जैसे देश का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी परमाणु समझौता किया है और अमरीका के साथ परमाणु समझौता देश हित में है.
उन्होंने कहा कि वे ज़रूरत पड़ने पर अमरीका के खिलाफ़ रहे हैं. उन्होंने नारा दिया था, 'बुश हटाओ, दुनिया बचाओ. बीजेपी हटाओ, देश बचाओ.'
प्रधानमंत्री पद
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा हर किसी के मन में रहती है. मायावती के मन में जैसी है, वैसी ही उनके भी मन में है. लेकिन देश का अभिजात वर्ग दलित, मुस्लिम और उन जैसे नेताओं को प्रधानमंत्री नहीं बनने देगा.
लालू यादव ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनने की कोई हड़बड़ी नहीं है.
उन्होंने कहा कि वे 'बेमेल विवाह कनपटी सिंदूर' नहीं चाहते.
बीजेपी पर चोट
लालू ने कहा कि आडवाणी ने अपने भाषण में कहा था कि वे इस समझौते को फिर से लागू करने के लिए काम करेंगें.
लालू ने कहा कि आडवाणी की ऐसी हालत हो गई है कि वे क्या करें. पुत्र और पति दोनों ही अच्छे हैं, वे किसकी कसम खाएँ.
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अफ़जल गुरु का गुरु अजहर महमूद को किसने छुड़ाया, कौन उसे लेकर गया था?
लालू ने कहा, "आडवाणी वाजपेयी नहीं हैं."
जार्ज फ़र्नांडिस पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्होंने ही मुलायम और उनको समाजवाद का पाठ पढ़ाया और आज कहाँ बैठे हैं.
सीबीआई
उन्होंने का कि सीबीआई पर सरकार प्रभाव नहीं डाल रही है. मायावती पर सीबीआई केस के संबंध में लालू ने कहा कि 'दूध का दूध, पानी का पानी' का फ़ैसला सीबीआई करेगी.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजनीति में गलतियों को छिपाने के लिए 'सरकार फँसा रही है' कहना फैशन हो गया है.