मंगलवार, 22 जुलाई, 2008 को 13:06 GMT तक के समाचार
लोकसभा में रुपयों की गड्डी दिखाए जाने की घटना को सत्तारुढ़ यूपीए का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने पार्टी को बदनाम करने के लिए रची गई साज़िश बताया है.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा है कि जो आरोप लगाए गए हैं उसकी पूरी जाँच होनी चाहिए और अगर वे कहीं भी दोषी पाए जाते हैं तो वे हर तरह की सज़ा भुगतने को तैयार हैं.
जबकि समाजवादी पार्टी ने कहा है कि चूंकि विपक्ष विश्वासमत में हार रहा है इसलिए वह षडयंत्र कर रहा है.
उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के तीन सांसद लोकसभा में रुपयों से भरा एक बैग लेकर सदन में आए और उन्होंने आरोप लगाए कि ये रुपए उन्हें यूपीए सरकार के विश्वासमत के दौरान अनुपस्थित रहने के लिए दिए गए थे.
भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने रुपए देने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के नाम लिए हैं.
'साज़िश'
कांग्रेस के नेता और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जो आरोप उन पर लगाए गए हैं वो बेबुनियाद हैं.
उन्होंने कहा, "मुझे और मेरी पार्टी को विवाद में डालने की कोशिश की जा रही है."
उन्होंने कहा कि जो भी सबूत हैं उनकी जाँच की जानी चाहिए.
कांग्रेस नेता ने कहा, "अगर मैं दोषी पाया गया तो मैं सार्वजनिक जीवन छोड़ने को तैयार हूँ."
इससे पहले सत्तारुढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता अश्विनी कुमार ने कहा है कि यह सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई साज़िश का हिस्सा है.
कांग्रेस प्रवक्ता अश्विनी कुमार ने संसद में नोट लाकर ख़रीदफ़रोख़्त का आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आरोप बेबुनियाद है और सरकार विश्वासमत हासिल करेगी.
उन्होंने कहा, "वो जानते हैं कि वो हारे हुए हैं इसलिए यह ड्रामा किया गया है."
उनका कहना था कि पैसे को जिस तरह संसद में लाया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संसदीय प्रणाली के लिए शर्मनाक दिन है.
केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी कहा है कि यह लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक दिन है.
उन्होंने एक टेलीविज़न चैनल से हुई बातचीत में कहा, "तीन ही बातें सही दिखती हैं, एक तो यह कि भाजपा के सांसद पैसे लेकर संसद में आए, दूसरा यह कि उस सांसद ने घूस में पैसे लिए और तीसरा यह कि लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना रुपया संसद में लाया गया."
'भाजपा का षडयंत्र'
पैसे देने के आरोप में घिर गई समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने इसे भारतीय जनता पार्टी का षडयंत्र बताया है.
उनका कहना था कि विपक्ष विश्वासमत में बुरी तरह हार रहा है इसलिए यह साज़िश कर रहा है.
उन्होंने माँग की है कि संसद में पैसे लेकर आने वाले सांसद को तत्काल गिरफ़्तार करना चाहिए.
उनका दावा था कि इस घटना का विश्वासमत पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.
इस मामले में शामिल होने का आरोप समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह पर लगाया गया है.
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमर सिंह ने कहा, "सांसदों का कहना है कि वो मेरे घर आए थे तो वो क्या करने मेरे घर आए थे? क्या बेचने आए थे?"
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "क्या वो राजनीतिक वेश्या हैं और अपने आपको बेचने आए थे?"
अमर सिंह ने चुनौती देते हुए कहा, "वो प्रमाणित करके दिखाएँ कि अमर सिंह ने अपने हाथों से रुपया दिया. वो रुपया कहाँ से आया, वो किस बैंक से निकाला गया था."
"मैं भी रुपया लेकर आ सकता हूँ और कह सकता हूँ कि ये आडवाणी जी ने भिजवाया है."