सोमवार, 21 जुलाई, 2008 को 07:51 GMT तक के समाचार
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता मोहम्मद सलीम ने बहस में हिस्सा लेते हुए यूपीए को निशाना बनाया और कहा कि सवाल विश्वसनीयता का है.
उन्होंने कहा, ‘ प्रधानमंत्री यह कह कर विश्वास प्रस्ताव लाए कि सदन को मंत्रिपरिषद में विश्वास है लेकिन सवाल यहां विश्वसनीयता का ही है.विश्वास तोड़ा गया है.’
उन्होंने न्यूनतम साझा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वाम दलों ने यूपीए के साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर समझौता किया था लेकिन कांग्रेस सरकार ने अमरीका के साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम बना लिया.
उनका कहना था कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लेफ्ट का कर्तव्य है क्योंकि वो भी सरकार का हिस्सा थे.
उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस के इतिहास को देख कर समर्थन दिया था. कांग्रेस स्वाधीन विदेश नीति की वकालत करती है और आज हम भी वही कह रहे है लेकिन कांग्रेस का एक तबका अपने इतिहास को ही भूल गया है.
सलीम का कहना था कि यह सभी जानते हैं कि कई नीतियों पर कांग्रेस और वाम दलों के मतभेद हैं मसलन विनिवेश, आर्थिक नीति लेकिन विदेश नीति के मसले पर कांग्रेस अपनी ही नेताओं के सुझाए हुए रास्ते का विरोध करेगी.
उन्होंने सदन में न्यूनतम साझा कार्यक्रम के छह मूल सिद्धांत गिनाए और कहा कि इसमें परमाणु सौदे का कहीं कोई ज़िक्र नहीं है.
उनका कहना था कि समझौता न्यूनतम कार्यक्रम का था लेकिन प्रधानमंत्री उसे अधिकतम कार्यक्रम तक ले गए जो हमें स्वीकार्य नहीं था.
सीपीएम का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में तालमेल का अभाव है. उनका कहना था कि विदेश राज्य मंत्रि को नहीं पता कि विदेश
मंत्रि क्या कह रहे हैं जिस पर विदेश राज्य मंत्रि आनंद शर्मा ने कड़ी आपत्ति भी की.