भारत ने कहा है कि काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए हमले के कारण पाकिस्तान से शांति वार्ता मुश्किल दौर से गुज़र रही है.
भारतीय विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने ये बात दिल्ली में कही.
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की है. ये बातचीत शांति वार्ता का हिस्सा है जो वर्ष 2004 में शुरु हुई थी.
इसी सिलसिले में पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर भारत आए हुए हैं.
माना जा रहा है कि विदेश सचिवों की बातचीत के दौरान कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें कश्मीर में आपसी भरोसा बढ़ाने के उपाय शामिल थे.
'पाकिस्तान का हाथ'
पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिव शंकर मेनन ने कहा, समग्र बातचीत दवाब में है. हाल ही में हुई कुछ घटनाओं ने माहौल बिगाड़ दिया है. हमारे पास जो जानकारी है उससे संकेत मिल रहे हैं काबुल हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है.
काबुल में भारतीय दूतावास पर सात जुलाई को हमला हुआ था जिसमें अन्य लोगों के अलावा भारतीय सेना के एक ब्रिगेडयर, भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी समेत चार भारतीय नागरिक मारे गए थे.
कुछ दिन पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, "हमें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि काबुल हमले के पीछे आईएसआई ही है. आईएसआई बहुत ही घातक खेल में लगी है, आईएसआई को पूरी तरह से ख़त्म करना ज़रूरी है. हम शांति प्रक्रिया के हामी हैं, उसमें आईएसआई की कोई भूमिका नहीं है."
लेकिन पाकिस्तान इन आरोपों का पहले ही खंडन कर चुका है.
सोमवार की मुलाकात में दोनो देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और इसके लिए हरसंभव कदम उठाया जाएगा.
रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी से फ़ोन पर बातचीत की थी जिसमें रिश्तों को बेहतर करने पर ज़ोर दिया गया था.
दोनों नेता कोलंबो में इस महीने के आख़िर मे होने वाले सार्क सम्मेलन में मिलेंगे.
शिवशंकर मेनन के अनुसार सीमा पार आवागमन को सरल बनाने के उपायों के तहत श्रीनगर मुज़फ़्फ़राबाद और पुंछ रावलाकोट बस सेवा को बढ़ाने पर सहमति हुई है.
आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स की बैठक भी जल्द होने वाली है.
समग्र बातचीत के अन्तर्गत पांचवे दौर की बातचीत के तहत कई बैंठके होनी है. इसके लिए तिथि तय करने पर भी चर्चा हुई और जल्द ही इस बारे में तारीख़ की घोषणा कर दी जाएगी.