रविवार, 20 जुलाई, 2008 को 07:30 GMT तक के समाचार
समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह ने अपनी पार्टी में विद्रोह की बात मानी है लेकिन साथ ही कहा है कि पार्टी एकजुट है.
मुलायम सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा,"कुछ सांसद पार्टी छोड़कर चले गए हैं लेकिन उन्होंने पार्टी अपने कारणों से छोड़ी है."
मुलायम ने पार्टी छोड़कर जाने वाले चार सांसदों के नाम गिनाए- मुनव्वर हसन, राज नारायण बुदौलिया, जय प्रकाश रावत, एसपी सिंह बघेल.
सपा नेता ने ने भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों पर निशाना साधा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी 22 जुलाई को एकजुट होकर यूपीए ( संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के समर्थन में वोट डालेगी.
उनका कहना था कि लेफ्ट और बीजेपी जो एक ज़माने में उन्हें पीएम बनाना चाह रही थी अब गंदी राजनीति कर रही है.
मुलायम ने बीजेपी और लेफ्ट को आड़े हाथों लिया और कहा कि लेफ्ट गंभीर बीमारी से गुज़र रही है.
उनका कहना था कि लालकृष्ण आडवाणी और लाल झंडा यानी वाम दल एक हो गए हैं.
मुलायम की नाराज़गी
मायावती को लेफ्ट के समर्थन पर भी मुलायम नाराज़ दिखे. उनका कहना था, ‘मायावती ने यूपी तो़ड़ दिया. ताजमहल तोड़ दिया. अब क्या तोड़ना चाहते हैं लेफ्ट और बीजेपी वाले मायावती को समर्थन देकर..’
उन्होंने माकपा को सुझाव दिया कि वो धर्म और राजनीति के घालमेल वाली पार्टी को समर्थन न दें.
मुलायम सिंह का कहना था कि वो सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लड़ते रहे है और उसका खामियाज़ा भुगता है.
उन्होंने लेफ्ट को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि वो मायावती को पीएम बनाना चाहती है जो नरेंद्र मोदी को सबसे अच्छा सीएम बताती है.
मुलायम ने टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू की भी आलोचना की और कहा, ‘ नायडू साब ...कम बोलिए.. सूपा बोले तो बोले चलनिया भी बोले...लगी...नायडू जो सुबह तक हमारे साथ थे अब बीजेपी के साथ जा रहे हैं, मायावती को समर्थन दे रहे हैं.’
मुलायम सिंह का गुस्सा सीपीआई नेता एबी बर्धन से बहुत अधिक दिखा. बर्धन ने कहा था कि सपा सांसदों को पैसे दे रही है. इस पर मुलायम
का कहना था वो ( बर्धन) साफ करें कि पैसा कौन दे रहा है और बर्धन को लोगों की चिंता है तो वो नंदीग्राम क्यों नहीं जाते, सिंगूर
क्यों नहीं जाते गुड़गांव क्यों नहीं जाते हैं. .