http://www.bbcchindi.com

रविवार, 20 जुलाई, 2008 को 08:38 GMT तक के समाचार

सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, रांची

शिबू सोरेन को माओवादियों की धमकी

माओवादियों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता गुरुजी शिबू सोरेन को धमकी दी है कि अगर वो 22 जुलाई को यूपीए सरकार का समर्थन करते हैं तो उनका सामजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा और ग्रामीण इलाकों में घुसने भी नहीं दिया जाएगा.

जिस दिन सरकार को संसद में विश्वास मत हासिल करना है और उसी दिन प्रतिबंधित भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(माओवादी) ने झारखण्ड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के सीमावर्ती इलाकों में बंद बुलाया है.

माओवादियों ने पूर्वी सिंहभूम के घाटशीला इलाके में दो बैनर पेड़ पर टांग दिए हैं जिन पर बंद के बारे में लिखा हुआ है.

घाटशीला थाना के एक अधिकारी ने बताया "यह बैनर राष्ट्रीय उच्च पथ 33 पर काशिदा गाँव के निकट पदों से लटके मिले. हमने उन्हें ज़ब्त कर लिया है. बैनर में 22 जुलाई को बंद की बात कही गई है."

वहीं माओवादियों ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष सहित पार्टी के सभी सांसदों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का समर्थन किया तो उन्हें ग्रामीण इलाकों में घुसने नहीं दिया जाएगा और उनका सामाजिक बहिष्कार भी किया जायेगा.

बंगाल, उड़ीसा, झारखण्ड सीमांत एरिया कमिटी के प्रवक्ता राकेश ने कुछ स्थानीय अखबारों को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, " हम दिल्ली की हलचल पर और वहाँ हो रही ख़रीद-फ़रोख्त पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं. बिकने को तैयार झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सांसदों पर भी हमारी नज़र है."

विज्ञप्ति में कहा गया है, " शिबू सोरेन यहाँ के गरीब आदिवासियों के गुरूजी होने का दावा किया करते हैं. मगर हमेशा उन्होंने अपने को बेचा है. शिबू सोरेन और उनकी पार्टी के सांसद यहाँ के ग़रीब लोगों को धोखा देते आए हैं. हम अभियान चलाकर उनके चेहरे बेनक़ाब करेंगे. इन सांसदों को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा."

विज्ञप्ति में कहा गया है, "अगर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सांसदों का इस तरह का आचरण जारी रहा तो उनका परिणाम भी उन्हीं की पार्टी के सांसद सुनील महतो जैसा होगा."

पुलिस की नींद उड़ी

धमकी के जारी होने के बाद से राज्य के पुलिस अधिकारी चिंतित हैं. राज्य में माओवादियों ने राजनेताओं को एक-एक कर अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

सबसे पहले सीपीआई(माले) के विधायक महेंद्र सिंह की हत्या, फिर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सांसद सुनील महतो और फिर जनता दल(यू) के विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या माओवादियों ने की है.

इस तरह की धमकी के बाद यह बात साफ़ हो गई है की अब माओवादियों के निशाने पर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेता हैं.

वैसे पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है. उनका कहना है की वो अभी विज्ञप्ति के बारे में जांच कर रहे हैं.