गुरुवार, 17 जुलाई, 2008 को 05:25 GMT तक के समाचार
मनमोहन सरकार के विश्वास मत के ख़िलाफ़ रणनीति तय करने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक संगठन (एनडीए) ने गुरुवार को अपने मुख्यमंत्रियों की बैठक आयोजित की है.
उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में एनडीए शासित सभी 12 राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने जुलाई 21 और 22 को लोकसभा के विशेष सत्र बुलाया है जिसमें विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
जहाँ एनडीए और वाम मोर्चा स्पष्ट तौर पर विश्वास मत का विरोध कर रहे हैं वहीं यूपीए छोटे दलों और निर्दलीयों को अपनी ओर खींचने में जुटी हुई है ताकि वह उनका समर्थन पा सके और सरकार बचा सके.
'यूपीए को केवल 250 का समर्थन'
भाजपा संसदीय दल के प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मौजूदा राजीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई गई है और ये बैठक लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर होने जा रही है."
मल्होत्रा का कहना था कि यूपीए सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर पाएगी क्योंकि उसे केवल 250 सांसदों का समर्थन हासिल है जो आवश्यक 272 की संख्या से बहुत कम है.
इधर भाजपा ने अपने सभी सांसदों को 'व्हिप' यानी आदेश जारी कर दिया है कि वे 21 जुलाई से शुरू होने वाले लोकसभा के विशेष सत्र में हर हाल में उपस्थित हों और विश्वास मत के ख़िलाफ़ मतदान करें.
विजय कुमार मल्होत्रा ने बताया कि व्हिप में पार्टी सांसदों से 20 जुलाई को ही दिल्ली पहुँच जाने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने बताया कि एनडीए के अन्य घटक दलों ने भी अपने-अपने सांसदों को 20 जुलाई तक दिल्ली पहुँचने का 'व्हिप' जारी कर दिया है.
दूसरी ओर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एनडीए के सभी सांसदों को अपने निवास पर 20 जुलाई को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है.
इस बैठक में लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन में अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा होगी.
इसी बीच भाजपा ने गुजरात के सांसद वल्लभ भाई कथिरिया का संसदीय दल से निलंबन भी समाप्त कर दिया है.