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जेल में बंद सांसदों से भी है आस!

आपराधिक मामलों में जेल में बंद लोकसभा सदस्यों की सबसे ज़्यादा ज़रूरत इस समय केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) को महसूस हो रही है.

यूपीए के ऐसे पाँच सांसद जेल में हैं और लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए अदालत से अनुमति लेने की प्रक्रिया में हैं. कुछ को इजाज़त मिलने की भी ख़बर है.

यूपीए के घटक राष्ट्रीय जनता दल के दो सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन और राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव जेल में बंद हैं.

इसी तरह समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद अतीक़ अहमद और मोहम्मद अफ़ज़ाल अंसारी भी जेल में हैं.

लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद सूरज सिंह भी जेल में हैं जिन्हें बुधवार को ज़मानत मिलने की ख़बर समाचार चैनलों पर आई है.

असल में अमरीका से परमाणु क़रार के मसले पर वामदलों की समर्थन वापसी के बाद सरकार को सदन में बहुमत साबित करना है और सरकार इस शक्तिपरीक्षण को पास करने के लिए आवश्यक 272 सांसदों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है.

घटक दलों के सांसदों की संख्या के हिसाब से अकेले यूपीए के पास बहुमत नहीं है.

बहुमत जुटाने में दिक्कत

समाजवादी पार्टी के साथ आने के बावजूद उसे कुछ और सांसदों का समर्थन जुटाना पड़ रहा है लेकिन इसमें कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं.

हालत ऐसी हो गई है कि एक-एक सांसद को गिना और आँका जा रहा है कि ये हमारे साथ है या नहीं.

इसलिए सरकार अपने घटक दलों के इन सांसदों को लोकसभा की कार्यवाही में उपस्थित देखना चाहती है और उसके लिए ज़रूरी क़ानूनी औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं.

बिहार के सिवान से राजद के सांसद शहाबुद्दीन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ता छोटेलाल की हत्या की सज़ा काट रहे हैं.

इसी राज्य के मधेपुरा से राजद के सांसद पप्पू यादव लंबे समय से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक अजीत सरकार की हत्या के आरोप में जेल में हैं.

बिहार के बलिया से लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद सूरज सिंह उर्फ़ सूरजभान सिंह को बेगूसराय ज़िले के किसान रामी सिंह की हत्या के मामले में उम्रक़ैद हुई है.

उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के दो सांसद जेल में हैं. एक अतीक़ अहमद और दूसरे अफ़ज़ाल अंसारी.

अतीक़ पर बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप है जबकि अफ़ज़ाल पर भाजपा नेता कृष्णानंद राय की हत्या की साज़िश रचने का आरोप है.