मंगलवार, 15 जुलाई, 2008 को 08:16 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार 22 जुलाई को लोक सभा में विश्वास मत हासिल कर लेगी.
उनका कहना था कि जनता इस पहल को समझेगी और इसका समर्थन करेगी.
प्रधानमंत्री का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सुरक्षा मानक समझौते से भारत के सामरिक कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे.
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को दिल्ली में अपने निवास पर कुछ संपादकों से मुलाक़ात की.
इसके बाद उनके मीडिया सलाहकार ने एक बयान जारी किया है.
इसके अनुसार प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत की जनता यूपीए सरकार की पहल को समझेगी और उसका समर्थन करेगी.
वामपंथी पार्टियों के समर्थन वापसी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया है.
इसके पहले वामपंथी दलों और भाजपा ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ समझौते से भारत के परमाणु कार्यक्रम की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ेगा.
उनका कहना था,'' इस समझौते से हमारे सामरिक कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये आईएईए के सुरक्षा समझौते से बाहर है.''
प्रधानमंत्री ने वामपंथी दलों के इस आरोप को भी ठुकरा दिया कि सरकार विदेश नीति के मामले में कोई समझौता कर रही है.
उनका कहना था,'' भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति में हस्तक्षेप करने की किसी को अनुमति नहीं देगा. साथ ही हम अपने सभी एशियाई पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाए रखना जारी रखेंगे.''
प्रधानमंत्री ने महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार के क़दमों की जानकारी दी. उनका कहना था कि तेल की कीमतों जैसे कारणों का इसमें योगदान है.