सोमवार, 14 जुलाई, 2008 को 11:11 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से
भारत में दूल्हे अक्सर घोड़ी पर चढ़कर मंडप पर पहुँचते हैं लेकिन इंडियन एयर फ़ोर्स में कार्यरत स्काई डाइवर शिशिर मिश्रा अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए सात हज़ार फ़ीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर मंडप पर पहुँचे.
भारत के पूर्वी राज्य उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में हुई शादी में रविवार को दूल्हे ने सीधे आसमान से छलांग लगाई और शादी के मंडप पर पहुँचा.
यह छलांग लगाने के लिए वे भुवनेश्वर में शादी के स्थान से कुछ दूरी पर स्थित एक स्पोर्ट्स ग्राउंड तक हेलीकॉप्टर से पहुँचे और वहाँ से उन्होंने पैराशूट पहनकर छलाँग लगा दी.
इस मौके पर मिश्रा अकेले ही नहीं कूदे बल्कि उनके साथ उनके तीन साथी भी शादी में शरीक होने के लिए पैराशूट के साथ उतरे.
जैसे ही मिश्रा का पैराशूट ज़मीन पर उतरा, शहीद नगर के शहीद स्पोर्ट्स क्लब में जमा क़रीब एक हज़ार लोगों की भीड़ ने चीख कर उनका स्वागत किया.
दूल्हे की वेशभूषा में लोगों की नज़रों का केंद्र बने शिशिर मिश्रा ने सभी से हाथ मिलाया.
दुल्हन ने किया स्वागत
इस मौके पर दुल्हन, श्वेता प्रस्ती भी हाथों में फूल लिए अपने होने वाले पति का स्वागत करने को मौजूद थी.
अपने दूल्हे के ज़मीन पर सही सलामत उतरने के बाद दुल्हन श्वेता ने उत्साहपूर्वक कहा, "एक लम्हे के लिए भी मुझे डर नहीं लगा. मुझे मालूम था कि वे आसानी से यह कर लेंगे."
मिश्रा ने कहा कि अपने इस अनोखे काम के माध्यम से वे राज्य में आकाश से छलांग लगाने यानी स्काई डाइविंग को बढ़ावा देना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं काफ़ी समय से उड़ीसा में स्काई डाइविंग का प्रदर्शन करना चाहता था लेकिन अपनी ही शादी के मौक़े पर ऐसा करने की प्रेरणा मुझे तब मिली जब मैंने पिछले दिनों पढ़ा कि महाराष्ट्र में एक दम्पत्ति ने हवा भरे गुब्बारे में बैठकर शादी की."
मिश्रा ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता था कि उनकी होने वाली पत्नी भी इस मौक़े पर उनका स्वागत करने के लिए पहुँचेंगी. उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए एक अद्भुत आश्चर्य था."
प्रायोजित कार्यक्रम
दुल्हन के छोटे भाई निशांत ने कहा कि उसकी बहन पहले तो वहाँ जाने के प्रति बहुत उत्साहित नहीं थी लेकिन परिवारजनों के कहने पर तैयार हो गई.
इस मौके को एक एविएशन कंपनी स्काई एयरवेज़ ने प्रायोजित किया था और इसके पीछे देश में स्काई डाइविंग जैसे जोखिम भरे खेलों को बढ़ावा देने की सोच थी.
स्काई एयरवेज़ के उपाध्यक्ष मेजर जनरल एसडी महंती ने बीबीसी से कहा, "यह हमारे उद्देश्य की दृष्टि से एकदम उपयुक्त है."
मिश्रा स्काई डाइविंग के क्षेत्र में काफ़ी समय से सक्रिय हैं और उन्होंने अब तक 22 हज़ार छलांगें लगाई हैं. उन्होंने एक बार 15
हज़ार फ़ीट की ऊँचाई से छलांग लगाकर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड में भी दर्ज कराया है.