शनिवार, 12 जुलाई, 2008 को 22:38 GMT तक के समाचार
नैटो का कहना है कि तीन दिनों पहले अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर हुए मोर्टार हमले चरमपंथियों ने किए थे.
इनमें कई जवान घायल हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे.
संघर्ष दक्षिण वज़ीरिस्तान के अंगूर अड्डा गाँव में हुआ था.
नैटो का कहना है कि उसने अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों की जड़ें हिला कर रख दी हैं लेकिन पाकिस्तान ने नैटो के रवैये पर ऐतराज़ जताया है.
हमले में पाकिस्तान के छह सैनिक और दो निर्दोष नागरिक घायल हुए.
नैटो के प्रवक्ता मार्क लायटी ने कहा,"ये सीमा से बेहद नज़दीक था. लेकिन हमनें जहाँ से हमले किए गए उस जगह को नष्ट कर दिया."
उन्होंने कहा, "एक बार हमे सूचना मिल गई तो हमने दो स्थानों पर मिसाइलें दागीं. युद्धक विमानों की भी प्रयोग किया गया."
इस पर पाकिस्तान ने गहरी नाराज़गी जताई है.
इससे पहले अमरीकी सेना चीफ़ ऑफॉ स्टाफ़ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार चरमपंथियों को अफ़ग़ानिस्तान में घुसने से रोकने के लिए कोई कारगर क़दम नहीं उठा रही है.
पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर अमरीकी सैनिकों पर बढ़ते हमलों के बीच उनका यह बयान आया है.
संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका पाकिस्तान में चरमपंथियों के ठिकानों पर हमले कर सकता है.
चेतावनी
पिछले महीने अमरीकी सेना ने मिसाइल से कबायली इलाक़े के एक ठिकाने पर हमला किया था.
पाकिस्तान इस पर औपचारिक विरोध जता चुका है. इस हमले में ग्यारह पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे.
अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स भी कह चुके हैं कि तालेबान से निपटने की कोशिशों में पाकिस्तान की ओर से ढीलापन चिंताजनक है.
उन्होंने कहा था कि इस ढीलेपन की वजह से चरमपंथी गतिविधियों में ख़ासी तेज़ी आई है.
रॉबर्ट गेट्स ने यह बात अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते चरमपंथी हमलों पर जारी हुई एक रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही थी.
अमरीका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने पिछले दिनों अपनी जाँच में पाया है कि पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में इस वर्ष तालेबान के हमलों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.