शुक्रवार, 11 जुलाई, 2008 को 11:45 GMT तक के समाचार
रविवार के अमरीकी हवाई हमले में पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में 47 आम नागरिक मारे गए थे जिनमें 39 महिलाएँ और बच्चे थे, इन लोगों को अमरीकी सेना ने चरमपंथी बताया था.
आधिकारिक जाँच के बाद कहा गया है कि नंगरहार प्रांत में रविवार को हुए हमले में मारे गए लोग चरमपंथी नहीं थे बल्कि एक शादी के समारोह में शामिल हो रहे थे.
अमरीकी सेना ने हमले के बाद कहा था कि उसमें 20 लोग मारे गए हैं और वे सभी चरमपंथी थे.
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी हमले में आम नागरिकों के मारे जाने की अनेक घटनाएँ हो चुकी हैं और अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई इस बारे में कई बार सख़्त बयान जारी कर चुके हैं.
हामिद करज़ई ने हमले की जाँच के लिए एक नौ सदस्यीय समिति का गठन किया था जिसने चार दिन की जाँच के बाद अपनी रिपोर्ट पेश की है.
इस जाँच का नेतृत्व करने वाले बुरहानुल्ला शिन्वारी ने बीबीसी को बताया, "अमरीकी हमले में 47 नागरिक मारे गए, नौ लोग घायल हुए, मारे गए लोगों में 39 महिलाएँ और बच्चे थे. मारे गए आठ अन्य लोगों की उम्र भी 18 वर्ष से कम थी."
जाँच रिपोर्ट आने के बाद अमरीकी सेना की तरफ़ से कोई बयान नहीं आया है.
ग़ुस्सा
इस जाँच में शामिल नंगरहार प्रांत से आने वाले संसद के डिप्टी स्पीकर मीरवाइज़ यासिनी ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है, इस तरह के हमलों से सरकार और जनता के बीच दूरी बढ़ती है. जिन लोगों ने इस शादी को चरमपंथी जमावड़ा बताकर इस ख़ुफिया जानकारी अमरीकी सेना को दी थी और जिन लोगों ने हमला किया उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए."
यासिनी ने माँग की, "आगे से इस तरह की किसी भी कार्रवाई में स्थानीय सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग लिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी ग़लतियाँ न हों."
रेडक्रॉस का कहना है कि पिछले छह दिनों के भीतर अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिक कार्रवाई और चरमपंथी हमलों में कुल मिलाकर 250 से अधिक लोग मारे गए हैं.
रेडक्रॉस ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे आम नागरिकों को निशाना बनाने से बाज़ आएँ.