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गुरुवार, 10 जुलाई, 2008 को 13:33 GMT तक के समाचार

ख़ैबर इलाक़े में शांति समझौता

पाकिस्तान के ख़ैबर इलाक़े के प्रमुख चरमपंथी मंगल बाग़ ने वहाँ के स्थानीय प्रशासन के साथ शांति समझौता किया है.

समझौते का उद्देश्य वहाँ पिछले दो सप्ताह से चल रही लड़ाई को समाप्त करना है.

पाकिस्तान के अर्धसैनिक बलों ने पिछले महीने के अंतिम दिनों में मंगल बाग़ और अन्य चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया था.

यह अभियान सूबा सरहद की राजधानी पेशावर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बाद शुरू किया गया है.

उधर, अमरीका का कहना है कि इस तरह के समझौतों से चरमपंथियों को फलने-फूलने में मदद मिलेगी.

पाकिस्तान की नई सरकार इस तरह के समझौतों से आतंकी घटनाओं को ख़त्म करना चाहती है.

दक्षिण वज़ीरीस्तान के प्रमुख चरमपंथी बैतुल्लाह महसूद ने कुछ दिन पहले ख़ैबर इलाक़े में सेना की कार्रवाई के विरोध में पाकिस्तान सरकार से अपनी बातचीत रोक दी थी.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता मोहम्मद इलियास ख़ान के अनुसार समझौते के बाद अर्धसैनिक बल अपना अभियान बंद कर देंगे और मंगल बाग़ के संगठन लश्कर-ए-इस्लाम के कुछ कार्यकर्ताओं को रिहा कर देंगे.

समझौते के अनुसार मंगल बाग़ और उसके सहयोगी स्थानीय प्रशासन को मानेंगे और बारा कस्बे में हथियार लेकर नहीं जाएँगे. जहाँ मंगल बाग़ का मज़बूत आधार है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान से लगे इस कबायली इलाक़े में हथियार लेकर चलने पर रोक नहीं है. यहाँ के कबायली लोग यहाँ अक्सर होने वाले खूनी झड़पों में हथियारों से अपना बचाव करते हैं.

समझौते कराने में बुज़ुर्गों की परिषद जिरगा ने मध्यस्थता की.

इसी सप्ताह खैबर ज़िले में एक सैन्य अभियान के दौरान चार सैनिक मारे गए थे. चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू होने के बाद सैनिकों पर यह पहला बड़ा हमला था.

अपने अभियान में अर्धसैनिक बलों ने दो और संगठनों को अपना निशाना बनाया था.