सोमवार, 07 जुलाई, 2008 को 23:13 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.
सोमवार को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित भारतीय दूतावास के बाहर हुए बम विस्फोट में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई थी.
मरनेवालों में चार भारतीय भी थे जिनके शव देर रात भारत पहुँच चुके हैं.
इस आत्मघाती हमले में लगभग डेढ़ सौ लोग घायल हो गए थे.
हमले में मारे गए भारतीयों में भारतीय सेना के एक ब्रिगेडयर और भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी समेत चार लोग मारे गए थे.
अफ़ग़ानिस्तान के सरकारी अधिकारियों के मुताबिक विस्फोटकों से भरी हुई एक कार को आत्मघाती हमलावर ने भारतीय दूतावास के गेट पर दे मारा.
इससे एक भीषण विस्फोट हुआ और बड़ी तादाद में लोग इसमें हताहत हो गए.
प्रतिक्रिया
किसी भारतीय दूतावास पर हुआ यह शायद पहला हमला था.
इस हमले की दुनिया के कई देशों की ओर से कड़ी निंदा की गई है. दिल्ली स्थित अमरीकी दूतावास से जारी बयान में इस हमले पर अफ़सोस जाहिर किया गया.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि हमलावर भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बेहतरीन रिश्तों में दरार पैदा करना चाहते थे. यूरोपियन युनियन ने भी कड़े शब्दों में इस आत्मघाती हमले की भर्त्सना की है.
भारत की ओऱ से एक दल हमले के बाद की स्थितियों और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा के लिए रवाना कर दिया गया है.
हालांकि विदेशमंत्री ने कहा कि इस हमले के बाद भी भारत की ओर से अफ़ग़ानिस्तान को मिल रही मदद का क्रम जारी ही रहेगा.
इस हमले में भारतीय दूतावास के दो वाहन नष्ट हो गए थे. जब धमाका हुआ तब लोग दूतावास में वीज़ा आवेदन देने के लिए लाइन में लगे थे.
महत्वपूर्ण है कि काबुल में भारतीय दूतावास अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय की इमारत के ठीक सामने स्थित है. पिछले कुछ समय में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के हमलों में तेज़ी आई है और कई इलाक़ों में हमले हुए हैं.