शुक्रवार, 04 जुलाई, 2008 को 16:50 GMT तक के समाचार
बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू
भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर में अमरनाथ बोर्ड को आवंटित ज़मीन का फ़ैसला रद्द करने का हिंसक विरोध होने के कारण जम्मू और भद्रवाह में लगाए गए कर्फ़्यू में शुक्रवार को कोई ढील नहीं दी गई.
इस बीच कठुआ, बंथल, गंग्याल और कुछ क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन की कुछ घटनाएँ हुईं. जिन्हें पुलिस ने हल्के बल प्रयोग के बाद बंद करा दिया. इसके अलावा पूरे जम्मू क्षेत्र में शांति बनी रही.
प्रशासन ने जम्मू के कर्फ़्यूग्रस्त इलाक़ों में शुक्रवार दोपहर दूध और सब्ज़ी जैसी आवश्यक वस्तुओं का वितरण करवाया.
फैल रही है शांति
डिवीज़नल कमिश्नर सुधांशु पांडे ने बीबीसी को बताया कि कर्फ़्यूग्रस्त इलाक़ों में शुक्रवार को कोई छूट नहीं दी गई और पूरे क्षेत्र में शांति बनी रही.
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना और कुछ अन्य सामाजिक संगठनों ने इस मामले पर अमरनाथ संघर्ष समिति का गठन किया है. समिति के अनुसार उनका बंद रविवार तक जारी रहेगा.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और पार्टी के महासचिव अरुण जेटली शनिवार को जम्मू पहुँच रहे हैं. दोनों नेता वहाँ इस मामले पर हालात की समीक्षा करेंगे.
अमरनाथ श्राइन बोर्ड को ज़मीन आवंटन का फ़ैसला वापसे लेने के बाद इसके विरोध में पूरे जम्मू इलाक़े में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. जिसके बाद प्रशासन ने पूरे जम्मू शहर में मंगलवार को और भद्रवाह कस्बे में बुधवार को कर्फ़्यू लगा दिया था.
बंद पर राजनीति
विश्व हिंदू परिषद ने ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले को वापस लेने के जम्मू कश्मीर राज्य सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ गुरुवार को देशव्यापी बंद का आयोजन किया था.
बंद के दौरान पूरे उत्तर भारत में जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया था.
इस दौरान हुई हिंसा में पाँच लोगों की मौत हो गई था. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़पों के बाद उसके कुछ थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.