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शुक्रवार, 04 जुलाई, 2008 को 17:56 GMT तक के समाचार

'परमाणु निर्यात मुशर्रफ़ की जानकारी में'

परमाणु तकनीक लीक करने के लिए बदनाम हुए वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने कहा है कि पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को परमाणु सामग्री दी और यह सब राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की जानकारी में था.

उन्होंने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा है कि वर्ष 2000 में जिस विमान से सेंट्रीफ़्यूज प्योंगयोंग भेजे गए उसकी निगरानी सेना ही कर रही थी.

उस समय परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति होने के साथ-साथ सेना के भी प्रमुख थे.

और अब तक परवेज़ मुशर्रफ़ कहते आए हैं कि परमाणु सामग्री या तकनीक के जिस लीक को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई है, उसकी जानकारी डॉ ख़ान के अलावा किसी को नहीं थी.

डॉ अब्दुल क़दीर ख़ान का कहना है कि यूरेनियम को संवर्धित करने के काम में आने वाले उपकरण सेंट्रीफ़्यूज एक उत्तर कोरियाई विमान से भेजे गए थे और उसमें विमान में ये उपकरण पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में ही चढ़ाए गए थे.

उलट बयान

डॉ ख़ान का यह बयान उनके पहले दिए गए बयान के ठीक उलट है.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि वर्ष 2004 में डॉ ख़ान ने सार्वजनिक रुप से स्वीकार किया था कि ईरान, उत्तर कोरिया और लीबिया को परमाणु तकनीक देने के लिए वे अकेले ज़िम्मेदार हैं.

यह ताज़ा बयान पाकिस्तान सरकार के उस दावे के भी ख़िलाफ़ जाता है जिसमें वह दावा करती रही है कि पाकिस्तान से किसी भी देश को परमाणु तकनीक दिए जाने की जानकारी न तो सरकार को थी और न सेना को.

डॉ ख़ान का कहना है, "वह उत्तर कोरियाई विमान था और सेना को इसके बारे में और उसमें लादे जा रहे उपकरणों के बारे में पूरी जानकारी थी."

उन्होंने कहा, "यह निश्चित तौर पर उनकी (परवेज़ मुशर्रफ़ की) जानकारी में ही गया होगा."

उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी जानकारी परवेज़ मुशर्रफ़ को ज़रुर रही होगी क्योंकि इसका ज़िक्र उन्होंने अपनी आत्मकथा में भी किया है.

अपने इंटरव्यू में डॉ ख़ान ने कहा है कि वे 1999 में कंधे से दागी जा सकने वाली मिसाइल ख़रीदने के लिए पाकिस्तानी सेना के एक जनरल के साथ उत्तर कोरिया गए थे.

खंडन

परमाणु वैज्ञानिक ख़ान के इस नए दावे से सेना और परवेज़ मुशर्रफ़ को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता रशीद क़ुरैशी ने डॉ ख़ान के दावे का खंडन करते हुए कहा है इसे झूठा बताया है.

उन्होंने कहा, "मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह बयान झूठा है."

डॉ क़दीर ख़ान के बयान पर दूसरे सरकारी विभाग जिसमें सेना और विदेश मंत्रालय शामिल है, ने शुक्रवार को कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने डॉ ख़ान की नज़रबंदी में ढील दी है.

इसमें एक विवादित बयान यह भी था कि परमाणु तकनीक तो अमरीका और यूरोप से लीक होते रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हाल ही में अपने बचाव में डॉ ख़ान ने मीडिया में कई बयान दिए हैं लेकिन यह उन सबमें सबसे अधिक विवादास्पद है.