गुरुवार, 03 जुलाई, 2008 को 10:40 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है. सहायता राशि वहाँ कैसे ख़र्च की जाएगी, इसके लिए ब्रिटेन नई रणनीति भी बना रहा है.
ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री डगलस एलक्जेंडर आजकल इस्लामाबाद में हैं. वहाँ उन्होंने घोषणा की कि अगले पाँच सालों में पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी जाएगी.
बढ़ी हुई राशि 48 करोड़ डॉलर हो जाएगी.
ब्रिटेन ने यह कदम पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद को देखते हुए उठाया है जिससे ब्रिटेन चिंतित है.
ब्रिटेन की चिंता
ब्रिटेन से इतनी अधिक सहायता पाने वाला पाकिस्तान अब दुनिया का दूसरा देश बन गया है.
सहायता राशि बढ़ाने का उद्देश्य पाकिस्तान से ग़रीबी मिटाना और वहाँ की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है.
अफ़गानिस्तान से लगी सीमा के क़बायली इलाक़ों में इसे पहली बार ख़र्च किया जाएगा. इन इलाकों को अल क़ायदा और तालेबान से जुड़े चरमपंथियों के प्रभाव वाला इलाक़ा माना जाता है.
इसमें पहली बार शिक्षा पर जोर दिया गया है. जिसका स्पष्ट उद्देश्य वहाँ के कुछ मदरसों और स्कूलों में दी जा रही उग्र इस्लाम की शिक्षा का मुक़ाबला करना है.
इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इन क़बायली इलाक़ों में सहायता राशि कैसे ख़र्च की जाएगी.
विरोध की संभावना
उम्मीद की जा रही है कि ब्रिटेन के किसी भी विकास कार्यक्रम को इन इलाकों में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
ये क़बायली इलाक़े सहायता कार्यकर्ताओं के लिए ख़तरनाक हैं, विशेषकर पश्चिम से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए, क्योंकि क़बायली लोग मानते हैं कि नैटो और अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्जा़ कर रखा है.
इन इलाक़ों में संदिग्ध चरमपंथियों पर अमरीकी सेना के हवाई हमलों से इस तरह के विरोध बढ़ा है.