मंगलवार, 01 जुलाई, 2008 को 11:04 GMT तक के समाचार
मुंबई में मंगलवार की सुबह से जारी भीषण बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इस बारिश में दो लोगों की मौत हो गई और दो लोगों के ज़ख़्मी होने की ख़बर है.
मुंबई से लगे हुए ठाणे ज़िले के अंबरनाथ इलाक़े में एक मकान के दूसरे मकान पर गिर पर जाने से यह हादसा हुआ.
मुंबई में मौसम विभाग की निदेशक सती देवी ने बीबीसी को बताया, "दक्षिणी मुंबई के कोलाबा इलाक़े में पिछले 12 घंटे में 200 मिलीमीटर और मुंबई के आस-पास के इलाक़ों में 142 मिलीमीटर पानी रिकॉर्ड किया गया है."
शहर के विभिन्न इलाक़ों में पीना जमा हो गया है. बारिश के कारण कई विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है.
'मत जाओ मुंबई'
पिछले महीने अमरीकी वाणिज्य दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी थी कि वो मानसून के समय मुंबई न जाएँ.
दूतावास की सलाह में यह भी लिखा हुआ था, "'बीएमसी बाढ़ की स्थिति में सड़कों पर बने मैनहोल्स खोल देती है ताकि पानी नालों में चला जाए और ऐसी स्थिति में लोगों के इन गड्ढों में गिरने की आशंका रहती है."
मुंबई की जीवन रेखा कहे जाने वाली लोकल रेल सेवा इस बारिश से प्रभावित हुई है और कई ट्रेन देर से चल रही है. रेल लाइन पर पानी जमा होने के कारण कई रेलगाड़ियों को रद्द करना पड़ा है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक मुंबई के दक्षिणी इलाक़े ग्रांट रोड, घाटकोपार, बांद्रा, अंधेरी, दादर, माहिम आदि में घुटनों तक पानी जमा हो गया है.
इस बारिश ने लोगों के मन में 26 जुलाई 2005 के बारिश की याद ताज़ा कर दी है.
जुलाई में हुई इस बारिश से पूरे मुंबई में बाढ़ जैसी हालत पैदा हो गई थी और कई दिनों तक सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त रहा था.