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सोमवार, 30 जून, 2008 को 04:39 GMT तक के समाचार

संदीप साहू
भुवनेश्वनर से

उड़ीसाः कई पुलिसकर्मी लापता, राहत जारी

उड़ीसा के चित्रकोंडा जलाशय में माओवादी हमले के बाद लापता हुए 64 पुलिसकर्मियों में से 27 जीवित लौट आए हैं.

इनमें से नौ की हालत नाज़ुक है. बाकी के लापता पुलिसवालों की तलाश में राहत अभियान लगा हुआ है.

रविवार को चित्रकोंडा जलाशय में माओवादियों ने पुलिसकर्मियों को ले जा रही एक मोटरबोट को निशाना बनाकर हमला किया था.

हमले में यह मोटरवोट क्षतिग्रस्त होकर डूब गई थी जिससे इसमें सवार 64 पुलिसकर्मियों की जान पर बन आई थी.

मलकांगिरी के पुलिस अधीक्षक सतीश गमभिए ने बीबीसी को बताया कि लापता पुलिसकर्मियों की तलाशी का काम तेज़ी से जारी है. रात को अंधेरे की वजह से उतना काम नहीं हो सका पर दिन में ज़्यादा सक्रिय अभियान चलाया जा सकेगा.

उन्होंने बताया, "पानी में होने के कारण पुलिसकर्मियों को जवाबी कार्रवाई का मौक़ा ही नहीं मिला. हमें आशा है कि मृतकों की तादाद कम ही होगी. रात को अंधेरे की वजह से कुछ बचे हुए पुलिसकर्मी नहीं लौट सके पर दिन में उन्हें खोज लिया जाएगा."

स्पष्ट है कि इस घटना में मारे गए पुलिसकर्मियों की सही तादाद का अनुमान लगा पाना अभी संभव नहीं है.

माओवादी हमला

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लापता पुलिसकर्मियों की खोज में नौसेना के अलावा आंध्र प्रदेश और उड़ीसा की पुलिस और सीआरपीएफ़ की भी मदद ली जा रही है.

जो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल थे उन्हें इलाज के लिए विशाखापट्टनम रवाना कर दिया गया है.

घटना रविवार सुबह 11 बजे की है जब 'नक्सलवादियों' ने पुलिस के इस मोटरबोट पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.

आंध्र प्रदेश के ये पुलिसकर्मी दक्षिणी उड़ीसा के चित्रकोंडा जा रहे थे. जहाँ उन्हें नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाना था. यह इलाक़ा उड़ीसा के मलकांगिरी ज़िले में पड़ता है.

वर्षों पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान के लिए विशेष बल का गठन किया था. आंध्र प्रदेश की ये विशेष पुलिस टीम उड़ीसा पुलिस के विशेष अभियान ग्रुप के साथ मिलकर साझा अभियान चला रही है.

बताया जाता है कि चित्रकोंडा के जंगलों में नक्सलवादी छिपे हुए हैं. इस घटना को माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान में जुटे पुलिसकर्मियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

इसी साल फरवरी में माओवादियो ने नयागढ़ ज़िले में 14 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और बड़ी संख्या में हथियार लूट लिए थे.