रविवार, 29 जून, 2008 को 11:31 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वनर से
उड़ीसा के चित्रकोंडा जलाशय में एक मोटरबोट डूब जाने से माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले 40 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका हैं. ये पुलिसकर्मी आंध्र प्रदेश के हैं.
रविवार सुबह 11 बजे की है जब 'नक्सलवादियों' ने पुलिस के इस मोटरबोट पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. आंध्र प्रदेश के ये पुलिसकर्मी दक्षिणी उड़ीसा के चित्रकोंडा जा रहे थे. जहाँ उन्हें नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाना था.
यह इलाक़ा उड़ीसा के मलकांगिरी ज़िले में पड़ता है. मलकांगिरी के पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार गजभिए ने बीबीसी को बताया कि इस मोटरबोट पर कुल 64 लोग सवार थे.
इनमें से चार उड़ीसा पुलिस के थे. मोटरबोट डूबने के कारण 40 पुलिसकर्मी लापता हैं लेकिन 24 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए.
इलाज
इनमें से चार जवानों को गोली लगी है और इनका इलाज चित्रकोंडा अस्पताल में चल रहा है.
फ़ायर ब्रिगेड के जवान राहतकार्य में लगे हुए हैं. आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर भेजा है. लेकिन पानी का स्तर इतना ज़्यादा है कि किसी के ज़िंदा बचे होने की कम ही उम्मीद है.
वर्षों पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान के लिए विशेष बल का गठन किया था. आंध्र प्रदेश की ये विशेष पुलिस टीम उड़ीसा पुलिस के विशेष अभियान ग्रुप के साथ मिलकर साझा अभियान चला रही है.
माना जाता है कि चित्रकोंडा के जंगलों में नक्सलवादी छिपे हुए हैं. इस घटना को माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान में जुटे पुलिसकर्मियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
इसी साल फरवरी में माओवादियो ने नयागढ़ ज़िले में 14 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और बड़ी संख्या में हथियार लूट लिए थे.