शनिवार, 28 जून, 2008 को 13:47 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की कांग्रेस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.
पीडीपी कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल थी. अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने को लेकर चल रहे विवाद के कारण पीडीपी ने यह फ़ैसला किया है.
महबूबा मुफ़्ती की अध्यक्षता वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने शनिवार को ये फ़ैसला किया. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की श्रीनगर में बैठक हुई.
पीडीपी अमरनाथ मंदिर बोर्ड की ज़मीन दिए जाने के राज्य सरकार के फ़ैसले से नाराज़ थी. इस फ़ैसले पर राज्य में काफ़ी विरोध भी हो रहा है.
नाराज़गी
अभी राज्य में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार की कमान ग़ुलाम नबी आज़ाद के हाथ में है. पीडीपी के फ़ैसले की जानकारी पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने दी.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले को वापस लिए जाने की अपील की अनदेखी की.
महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री आज़ाद को 30 जून तक का समय दिया था. लेकिन कश्मीर घाटी की स्थिति देखते हुए पार्टी ने पहले ही सरकार से समर्थन वापस लेने का फ़ैसला कर लिया.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कश्मीर घाटी में निर्दोष लोगों को चुपचाप मरते नहीं देख सकती. पीडीपी के इस फ़ैसले से कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार का भविष्य क्या होगा- ये कहना अभी मुश्किल है.
क्योंकि अब बहुत कुछ निर्दलीय विधायकों पर निर्भर करता है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीडीपी के 18 विधायक हैं.