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मनमोहन हैं संकट के ज़िम्मेदार: कारत

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मौजूदा राजनीतिक संकट के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया है.

पार्टी का कहना है कि अमरीका के साथ परमाणु समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की मंज़ूरी लेने की पहल की और यही राजनीतिक संकट की वजह है.

पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी में महासचिव प्रकाश कारत ने ये बात लिखी है. उन्होंने लिखा है कि अमरीका के दबाव देने के कारण प्रधानमंत्री इस समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें इसके नतीजों की चिंता नहीं है.

प्रकाश कारत का कहना है कि पिछले साल नवंबर में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच यह सहमति हुई थी कि सरकार उसी समय आईएईए के पास बातचीत के लिए जाएगी उसकी मंज़ूरी के लिए नहीं.

जल्दबाज़ी क्यों?

उन्होंने कहा कि अमरीका के दबाव पर इस मामले में इतनी जल्दबाज़ी दिखाई जा रही है. उन्होंने कहा कि बुश प्रशासन इस मामले में इसलिए दबाव डाल रहा है.

ताकि भारत आईएईए के साथ सुरक्षा मानदंड को लेकर समझौते की प्रक्रिया को पूरा कर ले और फिर परमाणु ईंधन सप्लाई करने वाले देशों से परमाणु व्यापार के लिए छूट मिल सके.

कारत ने कहा, "बुश प्रशासन ये बात अच्छी तरह जानता है कि मौजूदा अमरीकी कांग्रेस 123 समझौते को पास नहीं कर सकता. जब तक परमाणु ईंधन सप्लाई करने वाले देश अपना फ़ैसला करेंगे, मौजूदा अमरीकी कांग्रेस के लिए काफ़ी देर हो चुकी होगी."

उन्होंने मौजूदा राजनीतिक संकट पर चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अन्य सांप्रदायिक शक्तियाँ इस स्थिति का लाभ उठा सकती हैं. कारत ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस नेतृत्व स्थिति की गंभीरता को समझेगा.