शनिवार, 21 जून, 2008 को 13:56 GMT तक के समाचार
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की नेता और मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार से समर्थन वापिस ले लिया है.
केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में कई दल शामिल हैं और बहुजन समाज पार्टी भी उसे समर्थन दे रही थी.
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार है और मायावती मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने वर्ष 2007 में प्रदेश में हुए चुनावों में भारी बहुमत से जीतकर सरकार बनाई थी.
बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने आरोप लगाया है कि केंद्र की यूपीए सरकार उत्तर प्रदेश को नज़रअंदाज़ कर रही है और प्रदेश और उनकी पार्टी के साथ केंद्र सरकार सौतेला बर्ताव करती रही है.
मायावती के अनुसार उन्होंने केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापसी के बारे में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को सूचीत कर दिया है.
मायावती ने कहा है कि उनकी बहुजन समाज पार्टी ने केंद्र की यूपीए सरकार से इसलिए समर्थन वापिस लिया है क्योंकि केंद्र सरकार महंगाई को क़ाबू में करने में नाकाम रही है और इसकी वजह से सर्वजन समाज यानी देश के लोगों का हित साधने में नाकाम रही है.
बहुजन समाज पार्टी के 17 सांसद हैं और मायावती ने कहा कि अगर यूपीए सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास मत आता है तो उनकी पार्टी गुणवत्ता के आधार पर उस बारे में कोई फ़ैसला करेगी.
ग़ौरतलब है कि अमरीका के साथ परमाणु सहमति के मुद्दे पर यूपीए और उसके वामपंथी सहयोगी दलों के बीच पिछले कुछ दिनों में काफ़ी बैठकें हुई हैं और विश्लेषक इस घटनाक्रम को सरकार की स्थिरता के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखते हैं.